विंध्यभारत, रीवा
किसानों को परेशान करने, फिर बड़ी मिन्नतों के बाद खरीदी करने, उसके बाद वसूली कर किसान को उपकृत किए जाने का मामला सामने आया है। इसके लिए नई तरकीब निकाली गई और आए हुए किसानों से कहा गया कि बारदाने ही नहीं है। मामला सिरमौर के उमरी खरीदी केंद्र का है। यहां से 100 या 200 नहीं बल्कि 20 हजार बारदाना गायब कर दिये गये हैं। यह खुलासा तहसीलदार अनुपम पाण्डेय के निरीक्षण में हुआ है। लिहाजा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि खरीदी केंद्र के आधिकारी व कर्मचारियों ने इसे गायब करते हुये बाहरी व्यापारियों को बेच दिया है।
बताया गया है कि कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल के मार्गदर्शन में सिरमौर तहसीलदार अनुपम पांडे द्वारा शनिवार को सेवा सहकारी समिति उमरी सिरमौर के वेयर हाउस का औचक निरीक्षण किया गया। जहां व्यापक स्तर पर धांधलेबाजी सामने आई है। तहसीलदार द्वारा यहां पंचनामा तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्र एसडीएम सिरमौर को प्रेषित कर दिया है।
निरीक्षण के संबंध में तहसीलदार सिरमौर अनुपम पांडे ने बताया कि सेवा सहकारी समिति उमरी सिरमौर के वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया गया। यहां पाया गया कि कुल 66 हजार वारदाने दिए गए थे, जिनमें से खरीदी केंद्र के ऑपरेटर आशुतोष प्यासी द्वारा महज 45 हजार 99 वारदाने का हिसाब दिया गया। जबकि मौके से 20 हजार से ज्यादा वारदाने कम मिले हैं, जिनका हिसाब नहीं मिल पाया है। तहसीलदार ने बताया कि खरीदी प्रभारी को पूर्व में निरीक्षण की सूचना दी जा चुकी थी। इसके बावजूद भी वह मौके पर उपस्थित नहीं थे। उन्होंने बताया कि मौके का निरीक्षण करने के बाद वहां वरदानों की कमी के साथ खरीदी केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति ना होना कई प्रकार के संदेह को जन्म देता है, जिसके चलते मौके पर ही पंचनामा तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर व एसडीएम सिरमौर को पन्त्र भेजा गया है। इसके साथ ही खरीदी केंद्र प्रभारी से जवाब तलब किया गया है।