कृषि और कृषक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता :डॉ.यादव

मुख्यमंत्री कालापीपल में किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन में हुए शामिल

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में ही मिलने लगेगी पर्याप्त बिजली
सरकार सडक़, सिंचाई शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए है प्रतिबध्द
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आधारभूत विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ‘कृषि और कृषक’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढक़र 55 लाख हैक्टेयर से अधिक पहुंच गया है, जिससे कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्रीने नागरिकों से अधिक से अधिक पौध-रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी से पौध-रोपण अत्यंत आवश्यक है। डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल क्षेत्र 04 लाख पौधे रोपित करने के लक्ष्य का यह वृक्ष गंगा अभियान का नया रिकॉर्ड बना रहा हैं। डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौपालकों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत अब तक लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना सहित विभिन्न नदी जोड़ो योजनाओं से लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे शाजापुर सहित अनेक जिलों के किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले के प्रत्येक गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब सिंचाई के लिए रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार चरणबद्ध तरीके से किसानों को दिन के समय ही सिंचाई के लिये विद्युत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों को अब खरीफ और रबी फसल के लिए अलग-अलग ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कृषि लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उद्योगों में बड़े निवेश के साथ युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सडक़, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचनात्मक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकास कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
अलग-अलग कानूनों की जरुरत नहीं, सबके लिए एक कानून
मुख्यमंत्री दोहराया कि मध्य प्रदेश में इसी महीने विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता यानि यूसीसी प्रस्ताव लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि हिंदू का कानून अलग, मुस्लिम का कानून अलग ऐसा क्यों होना चाहिए. एक देश एक विधान एक प्रधान और एक राष्ट्रगान ही होगा. डॉ यादव ने कहा “अभी तो कांग्रेसियों को और बड़ा झटका लगने वाला है. हमारे यहां हिंदू का कानून अलग, मुसलमान का कानून अलग, ये अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए. कानून एक ही होना चाहिए. मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं, उनके साथ जो होता है अब वो नहीं चलेगा. इन बहनों के आत्मसम्मान के लिए एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान आवश्यक है.”उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता लाने करने का प्रयास करेंगे.

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