भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा :मोदी

प्रधानमंत्री ने मेलबर्न में ३० हजार लोगों को किया संबोधित

ग्रो मोर अचीव मोर का दिया नारा
हमारे लिए नागरिक सर्वोपरि
मेलबर्न :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के ३० हजार से ज्यादा लोगों को मेलबर्न में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि वे १२ साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं और क्रिकेट की भाषा के लिहाज से यह उनकी हैट्रिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत में एक सपना जन्म लेता है, तो फिर नया और बड़ा सपना जन्म ले लेता है। मोदी ने ग्रो मोर अचीव मोर का नारा दिया और इसे कई बार दोहराया। जनता ने भी नारा लगाने में उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने चंद्रयान-३ के माध्यम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर विश्व इतिहास रच दिया, जो कोई अन्य देश नहीं कर पाया लेकिन भारत इससे संतुष्ट नहीं रहा। मोदी बोले “ग्रो मोर, अचीव मोर की भावना से आगे बढ़ते हुए अब भारत गगनयान मिशन के तहत अपना पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।” मोदी ने कहा “भारत और ऑस्ट्रेलिया जो भी करते हैं, उससे दोनों देशों को लाभ होता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौता इसका एक प्रमुख उदाहरण है।” उन्होंने कहा “पिछले बारह वर्षों में भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है, और अब एक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप पहली बार अपने रॉकेट का उपयोग करके उपग्रह प्रक्षेपण करने के लिए तैयार है। मुझे खुशी है कि शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्रों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझेदारी गहरी और मजबूत हो रही है। मोदी ने कहा “कुछ साल पहले तक दस्तावेजों का सत्यापन करवाना बहुत आम बात थी; चाहे आपको कुछ करना हो या कहीं आवेदन करना हो, आपको अपने दस्तावेजों को किसी अधिकारी से सत्यापित करवाना ही पड़ता था। सुबह-सुबह लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और इसका एकमात्र उद्देश्य केवल अपनी पहचान साबित करना होता था। हमारे लिए नागरिक सर्वोपरि है।” मोदी ने कहा “अब स्थिति बदल गई है; अधिकांश कार्य स्व-सत्यापन के माध्यम से पूरे किए जा सकते हैं। यहीं से शुरू हुई यात्रा ने अब भारत में डिजीलॉकर के निर्माण को जन्म दिया है। यह एक डिजिटल प्रणाली जहां भारतीय अपने दस्तावेजों को डिजिटल प्रारूप में संग्रहीत कर सकते हैं। इसके साथ, दस्तावेजों को केवल एक क्लिक से साझा, सत्यापित और स्वीकार किया जा सकता है। एक प्रणाली बनाना एक बात है, लेकिन इसे स्केलेबिलिटी और मजबूत सुरक्षा सुविधाओं के साथ बनाना वास्तव में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”
मेक इन इंडिया एक वैश्विक ब्रांड बन गया
भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा”दुनिया भारत के रक्षा प्लेटफार्मों की क्षमता और विश्वसनीयता देख रही है। आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसका प्रदर्शन देखा होगा। विस्फोट आतंकी ठिकानों पर हो रहे थे, लेकिन उनकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। क्या आतंकी ठिकानों पर हुए इस बड़े हमले ने आपको गर्व से भर दिया या नहीं?”मोदी ने कहा “पिछले १२ वर्षों में मेक इन इंडिया एक वैश्विक ब्रांड बन गया है। हमारे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स दुनिया भर के बाजारों में पहुंच चुके हैं। हमारे ऑटोमोबाइल और फार्मास्युटिकल उत्पादों ने वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है।”

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