राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं


संत समाज की प्रतिक्रियाएं आई सामने
अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अलग-अलग संतों ने एक स्वर में कहा कि मामले की जांच चल रही है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ही सामने आना चाहिए. कई संतों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है. वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हिंदुत्व को लेकर भी संतों ने सवाल उठाए.
हरिधाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि केवल सनातनी या हिंदू बनकर सत्ता हासिल नहीं की जा सकती. रामदिनेशाचार्य ने राम मंदिर प्रकरण पर कहा कि एसआईटी पहले से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को घेरना या क्लीन चिट देना उचित नहीं है. चंपत राय को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह जांच का विषय है और निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलना चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम सबको बुलाते हैं और जो भी दर्शन के लिए आए, उसका स्वागत है. उन्होंने कहा कि रामलला टेंट में विराजमान थे तब भी श्रद्धालुओं की आस्था अटूट थी और आज भी बनी हुई है. कुछ लोगों के कृत्यों से भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा कभी कम नहीं हो सकती. बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास महाराज ने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कभी कम नहीं होगी. अवधेश दास ने कहा कि अयोध्या के संत ट्रस्ट में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं और न ही किसी पद के लालची हैं. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का गठन जिस संस्था या सरकार ने किया है, वही अपने प्रतिनिधि तय करेगी. उन्होंने कहा कि अत्यधिक विश्वास के कारण निचले स्तर पर गड़बड़ी हुई और उसी का खामियाजा पूरे ट्रस्ट और सनातन समाज को भुगतना पड़ा.

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