मेड-इन-इंडिया रक्षा प्लेटफॉर्म पर बढ़ा भरोसा:राजनाथ


उत्पादन और निर्यात में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद ‘मेड-इन-इंडिया रक्षा प्लेटफॉर्म पर विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि आज देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। करीब आठ-नौ साल पहले यह लगभग 46,000 करोड़ रुपये था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म में भरोसा बढ़ा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई थी। इसमें भारत में बने कई रक्षा प्लेटफॉर्म ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सिंह ने कहा कि रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड 38,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2013-14 में यह केवल 686 करोड़ रुपये था। आज यह 57 गुना बढ़ गया है। उन्होंने अनुमान लगाया कि वर्तमान में यह करीब 40,000 करोड़ रुपये के आसपास होगा। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत की विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा का भी उल्लेख किया।
सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की यात्रा कमी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी है। आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से विकसित भारत के निर्माण की ओर प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि भारत तकनीकी विकास और अपनी परंपराओं का सम्मान दोनों पर जोर देता है। ‘परंपरा और प्रौद्योगिकी’ का यह संगम 21वीं सदी में देश की सबसे बड़ी ताकत है। राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि एआई ने आज मानव अस्तित्व के लगभग सभी पहलुओं को छू लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई डेटा पढ़ और विश्लेषण कर सकता है। लेकिन यह लोगों की ‘नब्ज’ नहीं पहचान सकता। यहीं पर मानवीय संवेदनशीलता की भूमिका आती है। सिंह ने बताया कि पत्रकारिता भी एआई जैसी तकनीकी प्रगति से प्रभावित हुई है। हालांकि ये मानव रचनात्मकता और बुद्धि को पीछे नहीं छोड़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की भविष्य की सफलता एआई की क्षमताओं और मानवीय सहानुभूति के बीच संतुलन पर निर्भर करेगी। एआई पत्रकारिता को तेज और सटीक बनाएगा। लेकिन भावनात्मक बुद्धिमत्ता इसे मानवीय और विश्वसनीय बनाए रखेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मीडिया को हमेशा सटीकता, निष्पक्षता और तटस्थता के मूल्यों को बनाए रखना चाहिए।

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