चरखा चलाने से नहीं मिली आजादी
बंगलूरू भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने कहा कि आरएसएस को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए पंजीकरण की जरूरत नहीं है। संगठन लाखों लोगों के भरोसे से चलता है। बीएल संतोष ने कहा कि आरएसएस विभाजन के समय भी पंजीकृत नहीं था। आज भी उसका औपचारिक पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद संगठन काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण से किसी संगठन का अस्तित्व तय नहीं होता। आरएसएस लाखों लोगों के भरोसे पर काम करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विभाजन के समय आरएसएस हिंदुओं के साथ खड़ा था।
संतोष ने कहा कि भारत को आजादी केवल नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से नहीं मिली। इसके पीछे हजारों क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान था। उन्होंने कहा कि लाखों देशभक्त युवाओं और सैनिकों ने अपनी जान दांव पर लगाई थी। संतोष ने कहा ‘आजादी हमें किसी ने तोहफे में नहीं दी थी। अंग्रेजों ने बस यूं ही हमें आजादी नहीं दी।’बीएल संतोष ने दावा किया कि किसी क्षेत्र में हिंदू आबादी घटने से भारत से जुड़ाव की भावना कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि जहां हिंदू आबादी घटती है, वहां ‘राष्ट्रविरोधी भावना’ पैदा होने लगती है। संतोष ने कहा’हिंदुओं को बहुमत में इसलिए रहना चाहिए क्योंकि भारत को भारत ही रहना है।’उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग की राजनीतिक लामबंदी आखिरकार देश के विभाजन तक पहुंची। उन्होंने कहा कि अविभाजित भारत का विचार कोई प्रशासनिक सपना नहीं है। यह सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी सपना है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को यह संकल्प लेना चाहिए कि हमारे बीच जो सबसे बुजुर्ग हैं, वे अपने जीवनकाल में अखंड भारत को अपनी आंखों से देखें। संतोष ने इसे असंभव विचार मानने से इनकार किया।
आरएसएस को पंजीकरण की जरूरत नहीं: बीएल संतोष