मानसून केआगे बढऩे की परिस्थितियां अनुकूल
नई दिल्ली।। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को तीन दिन की देरी से केरल पहुंच गया है, जिससे भारत की चार महीने की वर्षा ऋतु का औपचारिक आरंभ हो गया। आईएमडी ने राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और मानसून अब कर्नाटक, तमिलनाडु सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ चुका है, जो मौसम प्रणाली की व्यापक प्रगति को दर्शाता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि तीन दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी, जिससे देश के चार महीने के वर्षा ऋतु की औपचारिक शुरुआत हो गई। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, पूरे लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और माहे, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, शेष कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले दो दिनों में दक्षिणपूर्वी अरब सागर में संवहनी बादलों की संख्या में वृद्धि हुई है। विभाग ने कहा कि दक्षिणपूर्वी अरब सागर में पछुआ हवाओं की गहराई समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है, जबकि निचले स्तर की पछुआ हवाओं की गति लगभग 20-25 समुद्री मील है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचा