यूसीसी समानता और न्याय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री

विभिन्न धर्मों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का व्यक्त किया आभार
सरकार सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
भोपाल : समान नागरिक संहिता को लेकर समाज के विभिन्न धर्मं और वर्गों में व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आगमन पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया तथा इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान न्याय उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता, समानता और न्याय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी नागरिकों के हित में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करवाया है। हमारे लिए सभी धर्मों के नागरिक समान हैं। जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जनजातीय वर्ग को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है। डॉ. यादव ने समर्थन के लिए उपस्थित सभी धर्मों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का यह विश्वास और सहयोग प्रदेश के समावेशी विकास तथा सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल तीर्थ समान
मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का परिश्रम बराबर है। दोनों का महत्वपूर्ण योगदान है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देशभर के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश किसान भाइयों की सभी प्रकार से चिंता करने वाला अग्रणी राज्य है। डॉ. यादव ने आह्वान किया कि किसान भाई प्राकृतिक खेती अपनाएं।
सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेज की फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है। डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का सम्मान किया।
जनजातीय लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर चंद्रशेखर आजाद नगर आना गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, भाषा-बोली, कला, प्राकृतिक खेती व संपदा और वनोपज के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा स्थानीय कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सोशल मीडिया समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक बदलाव लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से कृषि, प्राकृतिक खेती, जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण नवाचार जैसे विषयों पर प्रभावी डिजिटल सामग्री तैयार करने को कहा। डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की सकारात्मक छवि, किसानों की सफलता की कहानियां, जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज का पारंपरिक भगोरिया उत्सव मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि जनजातीय संस्कृति का गौरव पूरे विश्व तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
भारत की संस्कृति नारी सम्मान की संस्कृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति नारी सम्मान की संस्कृति है। हमारा देश “भारत माता की जय” का उद्घोष करने वाला विश्व का अनूठा राष्ट्र है। माँ सीता, माता पार्वती, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और माँ जगदंबा हमारी संस्कृति की प्रेरणा हैं। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा प्रत्येक माह लाड़ली बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जनजाति सहित सभी क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित की जाएगी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने सहित स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

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