मन की बात’ का 134वां एपिसोड प्रसारित
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में कहा कि वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें। यानी एक साल में हर छात्र की ओर से 365 रुपये जमा हुए। इस छोटे-छोटे योगदान से करीब 40 लाख रुपये इक_ा हुए।
पीएम ने कहा हम भारतीयों में खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी को लेकर हमेशा विशेष आकर्षण रहा है। हमारे देश में आज भी सदियों पुरानी वेधशालाएं मौजूद हैं। यहां अद्भुत गणितीय खोज हुई हैं 7 नेविगेशन हो, पंचांग हो, या हमारे पर्व-त्योहार, इन सबका संबंध आकाश और तारों से रहा है। हमारे यहां एस्ट्रोनॉमी ने हर पीढ़ी में कौतूहल जगाया है। उसे अन्वेषण के लिए प्रेरित किया है और आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है। उन्होंने कहा देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक इनकी गतिविधियां दिखाई देती हैं। मोदी ने कहा भारत में शायद ही कोई घर होगा जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो। हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद, अपनी खुशबू। मोदी ने कहा कि इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं, ऐसे मौसम में अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पानी पीते रहिए। धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलें। इस दिशा में सरकार के भिन्न-भिन्न विभाग ने जो गाइडलाइंस जारी की है वो भी भूलियेगा नहीं। मोदी ने कहा हमारे यहां गर्मी से लडऩे का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है, रसोई का प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं और फिर शुरु होता है देसी पेय का दौर।
सामूहिक भागीदारी से बड़े बदलाव संभव
मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मी के साथ-साथ पानी की कमी की चुनौती भी सामने आती है। उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की सफाई और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण देखने को मिला है। अनेक गांवों और समुदायों ने वर्षा जल संग्रहण, तालाबों के पुनर्जीवन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने ऐसे प्रयासों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि सामूहिक भागीदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।
हर छात्र वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें : मोदी