किसी देश का इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मज़बूत होगा उसका भविष्य उतना ही मज़बूत होगा:रक्षा मंत्री


युद्ध के तरीके चाहे कितने भी बदल जाएं सडक़ों, सुरंगों और एयरफ़ील्ड का महत्व हमेशा रहेगा
नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन की ओर से आयोजित ‘स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में कहा कि जिस तेज़ी से आप अब सबसे मुश्किल इलाकों और ऊंचे पहाड़ों पर सडक़ें और हाईवे बना रहे हैं, वैसी तेज़ी हमारे इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। टेक्नोलॉजी को अपनाने के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
राजनाथ सिंह ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लगातार बने रहने वाले रणनीतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि किसी देश की ताकत चाहे कितनी भी ज़्यादा क्यों न हो, उसे खड़े होने के लिए मज़बूत ज़मीन की ज़रूरत होती है। युद्ध के तरीके चाहे कितने भी बदल जाएं, सडक़ों, सुरंगों और एयरफ़ील्ड का महत्व हमेशा बना रहेगा। उन्होंने भारत में बुनियादी ढांचे में हुए बड़े बदलाव का जि़क्र किया और कहा कि सभ्यताओं को न केवल उनकी उपलब्धियों के लिए, बल्कि उनके द्वारा बनाई गई सडक़ों और बुनियादी ढांचे के लिए भी याद किया जाता है। आज भारत जो बुनियादी ढांचा बना रहा है, वह उसकी सभ्यता की एक अहम पहचान बन जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि आज़ादी के बाद इस दिशा में कुछ नहीं हुआ, लेकिन जितना ध्यान दिया जाना चाहिए था, उतना नहीं दिया गया यह हमारी क्षमताओं और ज़रूरतों के हिसाब से नहीं था। पिछले दस सालों में, हमने गांवों, पहाड़ों और दूर-दराज़ के इलाकों को जोडऩे का मिशन शुरू किया है। हमने सडक़ों, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए लोगों को जोडऩे पर भी ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा पक्का मानना है कि किसी देश का इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मज़बूत होगा, उसका भविष्य भी उतना ही मज़बूत होगा। इसीलिए हम आने वाले सालों में भी इसी लगन के साथ काम करते रहेंगे। सडक़, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ-साथ, सरकार आज ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ भी लागू कर रही है। सीमावर्ती गांव, जिन्हें कभी देश का ‘आखिरी गांव’ कहा जाता था, उन्हें अब देश के ‘पहले गांव’ के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *