सीमा शुल्क में राहत अमेरिका की वजह से नहीं
नई दिल्ली। बजट में सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाए जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि फ्यूचर व ऑप्शन में निवेश करने के बढ़ते चलन से लोगों को काफी नुकसान हो रहा था और उसे देखते हुए ही यह फैसला किया गया है। इस प्रकार का निवेश पूरी तरह से जोखिम भरे अनुमान पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को बाजार में नुकसान करते रहने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। हमारे पास कई अभिभावक इस बात की शिकायत लेकर आ रहे थे कि उनके बच्चे फ्यूचर व ऑप्शन में निवेश करके काफी नुकसान कर रहे हैं। फ्यूचर व ऑप्शन में ट्रेडिंग करने वाले 90 प्रतिशत लोग अपना नुकसान कर रहे हैं। इस आधार पर एसटीटी में बढ़ोतरी की गई है।
बजट में विभिन्न कच्चे माल पर सीमा शुल्क में राहत देने पर उन्होंने बताया कि यह फैसला अमेरिकी शुल्क को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया है। हमने टेक्सटाइल, लेदर जैसे रोजगारपरक सेक्टर को मदद करने के लिए यह फैसला किया है। हमने अमेरिकी टैरिफ के असर का कोई मूल्यांकन नहीं किया है। सीतारमण ने कहा कि विनिवेश को लेकर सरकार अपनी पुरानी नीति पर कायम है। इसकी गति भले ही कम या ज्यादा हो सकती है। अगले वित्त वर्ष में विनिवेश को लेकर 80,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन को लेकर भी दिक्कत राजनीतिक कारण से आई। चाहे बुलेट ट्रेन हो या फिर हाई स्पीड, इनके रास्ते में पैसे की दिक्कत कभी नहीं आई। पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में हो रही तेजी पर वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश को लेकर सोने पर दुनिया भर के लोग सबसे अधिक भरोसा करते हैं। वैश्विक उथल-पुथल और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी के कारण इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
लोगों को नुकसान उठाने के लिए नहीं छोड़ सकते : वित्त मंत्री