राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना से अत्यंत दुखी और लज्जित हूं : कोषाध्यक्ष


कोष का हिसाब-किताब सुरक्षित
कभी नहीं लिया एक भी रुपया
नई दिल्ली:श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष और संत स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने की दान और चढ़ावे की कथित चढ़ावा चोरी की घटना पर दुख व्यक्त किया है और इसे जघन्य पाप बताया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा “इस अविश्वसनीय और शर्मनाक घटना से मैं अत्यंत आहत, दुखी और लज्जित हूं।” उन्होंने कहा कि वे अपनी पूर्व निर्धारित श्रीमद् भागवत कथा संपन्न कर 5 जुलाई को अयोध्या पहुंच रहे हैं।
स्वामी गोविन्ददेव गिरि महाराज ने कहा “भगवान श्री सीताराम जी की असीम अनुकंपा, संतों के अनवरत प्रयास और रामभक्तों के सर्वोच्च बलिदानों से लगभग 500 वर्षों का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ है। अयोध्याधाम में रामलला का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हुआ, प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर ध्वजारोहण तक के सभी कार्य पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुए, जो हर रामभक्त के लिए परम आनंद का क्षण था। लेकिन, ऐसे पावन और मंगलमय वातावरण के बीच मंदिर में घटित हुई चढ़ावे की चोरी की घटना ने हर किसी का दिल तोड़ दिया है।” मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा “करोड़ों भक्तों द्वारा अपनी अगाध श्रद्धा से रामलला के चरणों में समर्पित की गई धनराशि की गिनती के समय चोरी करने का यह कृत्य एक जघन्य महापाप है। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि यह चढ़ावा-चोरी का सिलसिला पिछले काफी समय से लगातार चल रहा था, जो अब जाकर उजागर हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह घटना हर उस रामभक्त के लिए भीषण पीड़ादायक है, जिसने मंदिर के लिए अपनी गाढ़ी कमाई समर्पित की है। अपनी निरपेक्ष सेवा का उल्लेख करते हुए कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी ने बताया कि ने न्यास के कार्यों के सिलसिले में हर महीने या डेढ़ महीने में अयोध्या आते-जाते रहते हैं। लेकिन अब तक उन्होंने अपने विमान टिकट या अन्य किसी भी यात्रा खर्च के लिए न्यास के कोष से एक भी रुपया नहीं लिया है। वे इसे प्रभु श्रीराम की पूर्णत: नि:स्वार्थ सेवा मानते हैं। कोष की पारदर्शिता पर बात करते हुए उन्होंने रामभक्तों को आश्वस्त किया कि कोषाध्यक्ष होने के नाते आय-व्यय का पूरा और सटीक हिसाब रखना उनका परम कर्तव्य है। मंदिर कोष की स्थापना से लेकर अब तक की पूरी राशि का लेखा परीक्षण और पूरा हिसाब-किताब पूरी तरह सुरक्षित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *