नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना आयोग ने पुडुचेरी के हिंदू धार्मिक संस्थान एवं वक्फ विभाग को निर्देश दिया है कि वह श्री वेदपुरीश्वरर श्री वरदराजपेरुमल देवस्थानम से जुड़ी आरटीआई अर्जी पर दोबारा विचार करे और उपलब्ध रिकॉर्ड उपलब्ध कराए। आयोग ने कहा कि मंदिर का दर्जा ‘पब्लिक अथॉरिटी’ न होने का हो सकता है, लेकिन इससे विभाग मंदिर से संबंधित अपने पास मौजूद जानकारी का खुलासा करने की कानूनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता।
सूचना आयुक्त पी.आर. रमेश ने कहा कि अपीलकर्ता ने आवेदन विभाग को दिया था, जो सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत एक मान्यता प्राप्त ‘पब्लिक अथॉरिटी’ है। आयोग ने स्पष्ट किया, “सिर्फ इसलिए कि मंदिर स्वयं ‘पब्लिक अथॉरिटी’ की श्रेणी में नहीं आता, विभाग अपनी उस कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता जिसके तहत उसे अपने पास उपलब्ध या कानून के अनुसार अपने नियंत्रण में मौजूद जानकारी उपलब्ध करानी होती है।”आयोग ने आगे कहा कि विभाग केवल इस आधार पर अपने पास उपलब्ध रिकॉर्ड तक पहुंच देने से इनकार नहीं कर सकता कि उसने आवेदन ऐसी संस्था को भेज दिया है, जो स्वयं को ‘पब्लिक अथॉरिटी’ नहीं मानती। आयोग ने पाया कि विभाग ने वार्षिक बजट, ऑडिट किए गए खातों और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े सवालों पर केवल मंदिर प्रशासन के जवाब पर भरोसा किया। विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पुडुचेरी हिंदू धार्मिक संस्थान अधिनियम के तहत अपने वैधानिक और निगरानी संबंधी दायित्व निभाते हुए उसके पास इन दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध थीं या नहीं।
मंदिर पब्लिक अथॉरिटी’ नहीं: केंद्रीय सूचना आयोग