मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक का किया शुभारंभ
सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
हर नागरिक बने डिजिटली जागरूक
सायबर सुरक्षा के 3 सूत्र अपनाएं- जागरूकता, सावधानी और सहभागिता
कोई अनजान लिंक मिले, कोई डराये धमकाए तो रुको, सोचो और फिर एक्शन लो
भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है , जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। सावधानी ही सुरक्षा है और जानकारी ही बचाव है। डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। डॉ. यादव ने सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र ‘जागरूकता, सावधानी और सहभागिता’ के बारे में बताकर कहा कि जो लोग सायबर सुरक्षा की जानकारी रखते हैं, वे दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान के तहत “सेफ क्लिक 2.0” के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सायबर खतरे अदृश्य रूप में हमारे जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधी एक प्रकार से डिजिटल दौर के राक्षस हैं, जो दबे पाँव लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक, डेटा ब्रीजिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, रेनसमवेयर अटैक जैसे अनेक प्रकार के सायबर अपराध संचालित हैं। लेकिन सायबर अपराधों के मामले में सावधानी ही बचाव है।
लालच और जल्दबाजी कर सकती है आर्थिक नुकसान
मुख्यमंत्री ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि अगर कोई अनजान लिंक मिले या डराने धमकाने की कॉल आए तो “रुको, सोचो और फिर एक्शन लो”। लालच और जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को भारत सरकार ने लागू किया है। प्रदेश में कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है।
जो एक बार मप्र आता है वह यहीं का होकर रह जाता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय तभी बदलता है, जब संकल्प बड़ा होता है। सभी भारतीयों के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का समय बदला है। विश्व के कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से प्रधानमंत्री श्री मोदी को विभूषित किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 और अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार का यह प्रयास होगा कि इसमें से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान मध्यप्रदेश का हो। मुख्यमंत्री विकसित मध्यप्रदेश” विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश की गिनती देश के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में हो रही है। हम विरासत भी और विकास भी के पथ पर लगातार अग्रसर हो रहे है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पिछले तीन साल से विकास का कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने के लिए पर्याप्त लैंड बैंक है। राज्य सरकार ने उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने लिए पारदर्शी और उद्योग मित्र नीतियां लागू की हैं। मध्यप्रदेश की इन्हीं विशेषताओं के कारण निवेशक उद्योग लगाने के लिए राज्य में आ रहे हैं। देश के मध्य में स्थित होने के कारण उन्हें कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष लाभ भी मिलेगा। प्रदेश सरकार ने चारों दिशाओं में सडक़ कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए अधोसंरचना विकास पर विशेष बल दिया है।
सरकार 10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को ला चुकी है धरातल पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ और एमओयू साइन हुए। यह प्रसन्नता का विषय है कि 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को राज्य सरकार धरातल पर ला चुकी है। मध्यप्रदेश की छवि कृषि प्रधान राज्य के साथ उद्योग मित्र राज्य की भी बनी है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार को समर्पित किया था। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय युवा प्रतिभाओं ने दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनियों में शीर्ष पदों पर पहुंचकर भारत का मान बढ़ाया है। स्पेस टेक्नोलॉजी में भारतीय वैज्ञानिकों ने नए कीर्तिमान गढ़े हैं। राज्य सरकार ने भी अपनी स्पेस-टेक पॉलिसी लॉन्च की है। मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
सायबर अपराध में “सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव : डॉ. यादव