रीवा
रीवा संभाग में शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार विद्यार्थियों को कॅरियर मार्गदर्शन देने के लिए नवाचार किया जा रहा है। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने स्कूलों के बाद कालेज के विद्यार्थियों के लिए कॅरियर मार्गदर्शन कक्षाओं का ठाकुर रणमत सिंह कालेज में शुभारंभ किया। इस अवसर पर कमिश्नर ने कहा कि प्रदेश में संभवत: टीआरएस कालेज पहला कालेज है जहाँ कॅरियर मार्गदर्शन के लिए कालेज स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। प्रोफेसरों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी विद्यार्थियों को कॅरियर मार्गर्शन देंगे। हर विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपने जीवन का लक्ष्य तय करें और उसे पाने का जज्बा और जुनून मन में पैदा करें। कोई भी कार्य कठिन नहीं होता है। हम अपने लक्ष्य तय करके उसे प्राप्त करने के लिए जब प्रतिबद्धता और लगन से प्रयास करते हैं तो सफलता अवश्य मिलती है। इसके लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है। विद्यार्थी जीवन में जिसने परिश्रम कर लिया उसे आगे जीवन में उतना अधिक परिश्रम की आवश्यकता नहीं होती है। अपनी प्रतिभा और योग्यता के अनुसार लक्ष्य तय करके उसे पाने का प्रयास करें।
कमिश्नर ने कहा कि हर विद्यार्थी प्रतिभावान है। असफलता का मूल कारण डर है। कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती है। जब हमारी तैयारी ठीक से नहीं होती है तो डर लगता है। इसलिए हर परीक्षा और जीवन की हर कठिनाई के लिए सही तैयारी करें। निर्भय होकर परीक्षा दें और कठिनाईयों का सामना करें। आपको सफलता अवश्य मिलेगी। हम अपने पूर्वजों को याद नहीं रख पाते, लेकिन अपने कार्यों से देश को महान बनाने वाले लोगों को हमेशा याद रखते हैं। इसलिए हर विद्यार्थी अपने विकास के साथ-साथ देश के विकास में योगदान दे। आपके कार्यों और सफलताओं से देश की महानता में योगदान बढ़ेगा तो सब आपको याद रखेंगे। विद्यार्थी अपने प्राध्यापक का सम्मान करें। हम गुरू को उचित सम्मान देंगे तभी ज्ञान आत्मसात होगा। कौरव और पाण्डव दोनों के गुरू द्रोणाचार्य थे। पाण्डवों ने गुरू का सम्मान किया तो महान बने और दुर्योधन ने गुरू से ज्ञान तो प्राप्त किया पर अपने अहंकार से परिवार और देश के विनाश का कारण बना।
कमिश्नर ने प्राध्यापकों से आह्वान करते हुए कहा कि यहाँ जो भी व्यक्ति उपस्थित हैं, वे सब भारतीय हैं। देश के प्रति हमारे कुछ कर्तव्य हैं। अपने और अपने परिवार के विकास के साथ-साथ हमें देश के विकास में भी योगदान देना है। हर भारतीय को देश के विकास, समाज में शांति बनाए रखने और सुरक्षा में योगदान देना चाहिए। प्राध्यापक नई पीढ़ी को सही दिशा देकर तथा उनका भविष्य संवारकर देश के विकास में योगदान दें। रीवा में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता है कि यहाँ के वातावरण और दृष्टिकोण में परिवर्तन किया जाए। प्रोफेसर विद्यार्थियों को सही दिशा और सही शिक्षा देकर जो सुख प्राप्त करेंगे उसे अन्य किसी माध्यम से प्राप्त करना असंभव है। आप सबमें हनुमान जी की तरह अपार शक्ति और क्षमता है। उसे जगाकर सही दिशा में प्रेरित करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के कॅरियर मार्गदर्शन का छोटा सा कदम बड़े परिवर्तन का आधार बनेगा।
कार्यक्रम में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि हम सबको ईश्वर से मिला जीवन अपने सत्कर्मों से सार्थक बनाना है। कमिश्नर सर ने प्रशासनिक व्यस्तता के बावजूद नई पीढ़ी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कॅरियर मार्गदर्शन का शुभारंभ कराया है। स्कूल और कालेज में मौज-मस्ती करें लेकिन पढ़ाई और कॅरियर को अपना लक्ष्य बनाएं। मैं भी औसत विद्यार्थी था। मेरे पिताजी ने मुझे समझाते हुए कहा कि मैं क्लर्क हूँ, तुम्हे कुछ अधिक नहीं दे पाऊंगा। उनकी प्रेरणा से मेरे मन में कॅरियर के प्रति जागरूकता आई। मैंने अच्छे अंकों से एमए किया और पीएससी की परीक्षा में सफलता पाई। प्रतिबद्धता और परिश्रम से क्लर्क का बेटा कलेक्टर बन पाया। नई पीढ़ी देश की कर्णधार है। दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थियों को कॅरियर मार्गदर्शन के लिए जो अवसर दिया जा रहा है उसका पूरा लाभ उठाएं। जीवन का लक्ष्य तय करके उसे पाने का प्रयास करें। कार्यक्रम में अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. महेन्द्रमणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने बताया कि कोचिंग के लिए टीआरएस कालेज में 235 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। कालेज में 17 अगस्त से शाम 4.30 बजे से 6.30 बजे तक कॅरियर मार्गदर्शन की कक्षाएं चलेंगी। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन डॉ. एसपी शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थी जीवन का लक्ष्य तय करके उसे पाने का जुनून पैदा करें – कमिश्नर