नई दिल्ली: भारतीय सेना के लिए बड़े पैमाने पर तोपों की खरीद की जानी है। ये तोपें एआई तकनीक से लैस होंगी। चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर अपनी तैयारी मजबूत करने के लिए सेना 23,000 करोड़ रुपये की लागत से 300 के-9 वज्र स्वचालित तोपों की खरीद करने जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इस प्रस्ताव को जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए रक्षा खरीद परिषद को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने पर यह सौदा सबसे बड़े तोपखाना खरीद सौदों में शामिल होगा। मंजूरी मिलने के बाद इसका ठेका लार्सन एंड टुब्रो कंपनी को मिलने की संभावना है।
यह कंपनी दक्षिण कोरिया की कंपनी हनव्हा एयरोस्पेस के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत भारत में के-9 वज्र तोपों का निर्माण करती है। इस नए सौदे के साथ लार्सन एंड टुब्रो द्वारा निर्मित इन तोपों की कुल संख्या 500 से ज्यादा हो जाएगी, जो निजी क्षेत्र द्वारा अब तक का सबसे बड़ा एकल तोपखाना उत्पादन कार्यक्रम होगा। सेना के-9 वज्र तोप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक जोड़ रही है। इसके अंतर्गत यह तोप स्वचालित रूप से ड्रोन की पहचान करने और निशाना बनाने में सक्षम होगी। तोपों में उन्नत जैमर और सेंसर भी लगाए जाएंगे, जिससे वे दुश्मन के ड्रोन व अन्य हवाई खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।
23,000 करोड़ से 300 के-9 तोपों की होगी खरीद