राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने किए कई अहम खुलासे
नई दिल्ली। काश्मीर के पहलगाम के बैसरन मैदान में पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट ने कई अहम खुलासे किए हैं। जांच के अनुसार, सीमा पार से भेजे गए ड्रोन बारामूला जिले तक बिना पकड़े गए हथियार, गोला-बारूद और नकदी पहुंचाने में सफल रहे थे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 2022 से 2024 के बीच खुफिया तंत्र में आई कमी ने आतंकियों को घाटी में बिना किसी बड़े संदेह के सक्रिय रहने का मौका दिया।
चार्जशीट के मुताबिक वर्ष 2024 की शुरुआत में बारामूला जिले के गोगल दारा जंगल क्षेत्र में आतंकियों को ड्रोन के जरिए हथियार और नकदी पहुंचाई गई थी। इस खेप में 20 पिस्तौल, 15 लाख रुपए नकद और त्रिकोण आकार के चीनी ग्रेनेड शामिल थे। जांच में सामने आया है कि आतंकवादी अब केवल नियंत्रण रेखा के पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर निर्भर नहीं हैं। इसके बजाय वे मानवरहित हवाई वाहन और ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा घेरों को पार कर सीधे आतंकी मॉड्यूल तक हथियार और धनराशि पहुंचाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि बारामूला का गोगल दारा जंगल ड्रोन ड्रॉपिंग के लिए एक प्रमुख स्थान बन गया था, क्योंकि यह सीमा पार से सीधे दृष्टि क्षेत्र में आता है।
पहलगाम हमले में ड्रोन से पहुंचाए गए थे हथियार