जहां-जहां कृष्ण लीलाएं हुईं, वहां-वहां भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बना रही सरकार
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य-प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दु:ख-दर्द दूर हो जाते हैं। भागवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और पूरे संसार का कल्याण होता है। इस कथा का श्रवण मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और सबके जीवन में सद्भाव एवं आत्मिक शांति का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म के मर्म एवं नैतिकता का भान कराती है। यह मनुष्य को उसके कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भागवत गीता कथा एक पवित्र माध्यम है। मुख्यमंत्री उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में एक से सात जून तक हुई श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कथा समापन समारोह में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में नाना प्रकार के कष्ट थे, परंतु उन्होंने अपने कष्टों से इतर कुशासन का अंत किया। वे सदैव धर्म मार्ग पर बने रहे। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं से कहा कि वे गीता के संदेश को अपने जीवन में भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण ने लीलाएं कीं, वहां-वहां हमारी सरकार भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव और धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाया जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक एवं इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सडक़ बनाई जायेगी। यहां धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए भी राशि और गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली राखी में भी हमारी सरकार लाड़ली बहनों को शगुन के रूप में राशि भेजेगी, बुजुर्गों से कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को हमारी सरकार तीर्थ यात्रा करायेगी।
सहकारिता समाज के सामूहिक उत्थान का बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार इसे और अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनायेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक व्यवस्था ही नहीं, यह समाज के सामूहिक उत्थान का प्राचीन और बड़ा माध्यम है। हम इसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ जोडक़र नई ऊंचाइयों तक ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि हम सहकारी मॉडल का समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे आमजन को इसका वास्तविक और अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक और विपणन जैसी सुविधाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई योजनाओं के जरिए युवाओं और किसानों को जोडक़र सहकारिता को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोडक़र इन्हें अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के साथ ही इनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नवाचार, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है। हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सहकारिता विभाग के सहयोग से हम किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जनजातीय अंचलों के विकास सहित ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को भी गति दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कथा समापन समारोह को वीसी से किया संबोधित, भागवत कथा श्रवण से मिटते हैं दु:ख-दर्द : डॉ. यादव