हमारे सिस्टम पर भरोसा रखें, हम तो सिर्फ शीर्ष निकाय हैं :सुप्रीम कोर्ट


पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी मामले में दो टूक
नई दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर एक इन्फ्लुएंसर की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे पहले पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और सिस्टम पर भरोसा रखें।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की बेंच ने एओआर अंसार अहमद चौधरी की ओर से दायय जनहित याचिका को तुरंत लिस्ट करने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रक्रिया और स्थानीय अधिकारियों को दरकिनार कर सीधे सुप्रीम कोर्ट आने के चलन पर सवाल उठाते हुए जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा “क्या आपने मामला दर्ज कराया है? पुलिस मौजूद है। हमारे सिस्टम पर भरोसा रखें। हम तो सिर्फ शीर्ष निकाय हैं, निगरानी के लिए हैं। हमारे लिए भी यह देखना जरूरी है कि हमारे निचले स्तर के अधिकारी अपना काम कर रहे हैं या नहीं? अगर यहां सब कुछ गड़बड़ा गया, तो वे भी कहेंगे कि ठीक है, यही हो रहा है। सभी संस्थाएं बेकाबू हो रही हैं क्योंकि सब कुछ ऊपर से ही आता है।” जज ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी बातों को सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए और कहा कि अगर सामान्य प्रक्रिया से उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो इस मुद्दे को उठाया जा सकता है। जस्टिस ने कहा “यह एक गंभीर मामला है, मैं आपसे सहमत हूं। मैं खुद इस मामले को लेकर बहुत संवेदनशील हूं। लेकिन एक प्रक्रिया है। अगर उससे बात नहीं बनती, तो हमारे पास आइए। संवेदनशील मामलों में, आप सबसे पहले भारत के नागरिक हैं, आपको इसके परिणामों को समझना चाहिए। आप एक वकील हैं। आप कानून जानते हैं, आप इसके परिणामों को समझते हैं। इन मामलों को सनसनीखेज न बनाएं। अगर किसी ने गलती की है, तो उसे कानून की पूरी ताकत से सजा दिलवाएं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *