सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोडऩे का कार्य कर रही : डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का किया भूमि-पूजर्न

हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं
समाज के हर वर्ग के लिए एक जैसा होना चाहिए कानून
सतगढ़ी औद्योगिक क्षेत्र विकास यात्रा में होगा मंदिर के समान
सरकार इसी माह यूसीसी लागू करने की दिशा में बढ़ रही आगे
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोडऩे के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश – एक विधान – एक निशान – एक प्रधान’ की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए गए, जिससे किसी के साथ भेदभाव न हो। देश के बड़े राज्यों में, मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। पिछले रविवार को शिवपुरी में 2500 करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। यहां बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी। इससे पहले मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ रुपये का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। विकसित भारत 2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश में से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आ चुका है।
अब तक 86 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हुए साइन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है, अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को जारी कर चुकी है। बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से मिलेगा। प्रदेश में विरासत से विकास का कारवां जारी है। हमारे सभी देवस्थान अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार रामराज्य की प्रेरणा से हर वर्ग के लिए रोजगार, भोजन और आवास सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है।
प्रदेश को मिला 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश, मध्यप्रदेश के साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है। प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी का भुगतान किया जा चुका है। बिजली, पानी और सडक़ हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन कर फैक्ट्री के स्थान पर भव्य स्मारक और नया अस्पताल बनाएगी। यही गैस त्रासदी के मृतकों और पीडि़तों को सच्ची श्रद्धांजलि है। भोपाल अब एक समृद्ध नगर के रूप में पहचान बना रहा है।

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