प्रधानमंत्री ने आईएएस प्रशिक्षुओं को ‘नागरिक देवो भव’ का दिया मंत्र
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं को ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र दिया। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और तकनीक के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटने को कहा। उन्होंने विकसित भारत के लिए परिणाम-आधारित शासन और विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नेसेवा तीर्थ’ में 2024 बैच के 183 आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की। ये सभी अधिकारी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में तैनात हैं।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि दो साल के जमीनी अनुभव के बाद वे अब एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं, जहां उनके फैसले करोड़ों नागरिकों का भविष्य तय करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि लोक सेवा की असली परीक्षा ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ वास्तविक स्थितियों को संभालने में है। प्रधानमंत्री ने युवा सिविल सेवकों से राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का आग्रह किया। उन्होंने ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र देते हुए कहा कि हर प्रशासनिक फाइल के पीछे एक इंसान की उम्मीदें, चिंताएं और जीवन छिपा होता है। अधिकारियों को हर फैसला लेते समय नागरिकों को केंद्र में रखना चाहिए। उन्होंने शासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और समावेशी बनाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ यानी पूरे सरकारी तंत्र के एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बड़ी विकास चुनौतियों को अलग-अलग रहकर हल नहीं किया जा सकता। विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही सार्थक और स्थायी परिणाम ला सकता है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में हर नीति और प्रशासनिक फैसला देश के विकास में योगदान देने वाला होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने को आज की प्राथमिकता बताया।
अपने पद से नहीं बल्कि अपने काम से मिलने वाले परिणामों से संतुष्ट हों
पिछले दशक में आए बदलावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब प्रशासन प्रक्रिया के बजाय परिणामों पर ध्यान देता है। उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक से सेवाओं में पारदर्शिता आई है और नागरिकों का काम आसान हुआ है। डेटा-आधारित शासन पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि डेटा सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह लाखों लोगों की चुनौतियों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से जांचें कि क्या नीतियां जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद से नहीं, बल्कि अपने काम से मिलने वाले परिणामों से संतुष्ट हों। उन्हें पूरा भरोसा है कि इन युवाओं की ऊर्जा भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
राष्ट्रपति से मिले प्रधानमंत्री
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। पद्म अवॉर्ड्स के ठीक बाद हुई यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि स मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में, कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनकी नियुक्ति से कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
फाइलों में अनगिनत नागरिकों की आकांक्षा-जिंदगियां’: मोदी