शासन ने चिकित्सकों को दिया जाने वाला अव्यवसायिक भत्ते को फिर बढ़ाया
निजी प्रैक्टिस न करने के एवज में चिकित्सकों को दिया जाता है लाभ
शासकीय सेवकों के मृत्यु पर परिजनों को मिलने वाली राशि को भी बढ़ाया गया
नगर प्रतिनिधि, रीवा
शासन द्वारा उच्च पद के प्रभार में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को एक वेतन वृद्धि देने का निर्णय लिया है वहीं चिकित्सकों को मिलने वाले अव्यवसायिक भत्ते की बढ़ोत्तरी की है। इस आदेश के होने के बाद से यह माना जा रहा है कि अधिकारी और कर्मचारियों की कमी पहले से ही बनी हुई है और अब धन-बल का उपयोग कर कर्मचारी उच्च पद पाने के लिए होड़ लगा देगें। इतना ही नहीं चिकित्सकों के अव्यवसायिक भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। यह भत्ता चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस न करने के एवज में दिया जाता है लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी ७० फीसदी से ज्यादा डॉक्टर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। साथ ही अव्यवसायिक भत्ते का भी लाभ उठा रहे हैं। नये आदेश में शासकीय सेवकों के मृत्यु पर परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में भी ६ गुना की वृद्धि की गई है।
उच्च पद प्रभार के लिए अब लगेगी लाइन
तकरीबन जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक हर विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी बनी हुई है अधिकांश ऐसे विभाग हैं जो प्रभार की बैसाखी में चल रहे हैं। हालाकि अब तक प्रभार पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च पद में काम करने का ही सुख प्राप्त था लेकिन वित्त विभाग के नये आदेश पर ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को अब एक अतिरिक्त समय वेतनमान भी दिया जायेगा। इस आदेश के बाद अब कर्मचारियों में उच्च पद का प्रभार पाने के लिए खलबली मच गई है। अधिकारी और कर्मचारी आथर््िाक और राजनैतिक हथकंडा अपना कर उच्च पद का प्रभार पाने की जुगुत में लग गये हैं। खासतौर से शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग में इस तरह की सबसे ज्यादा चहल-पहले देखने को मिल रही है।
मिलने वाली अनुग्रह राशि में 6 गुना वृद्धि
वित्त विभाग ने आदेश जारी करते हुए बताया है किवर्तमान में प्रभावित नियम के तहत 24 दिसम्बर 2013 में शासकीय सेवा में रहने हुए किसी शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को वेतनमान में बैंड वेतन एवं ग्रेड वेतन के योग के छ: माह के बराबर, अधिकतम 50,000/- रुपये (पचास हजार) की सीमा तक अनुग्रह राशि दिये जाने का प्रावधान है। लेकिन राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवक की सेवा में रहते हुये मृत्यु होने पर मृतक के परिवार को, मृतक शासकीय सेवक के वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 में देय वेतन के छ: गुना के बराबर, अधिकतम 1,25,000/- रुपये (एक लाख पच्चीस हजार) अनुग्रह अनुदान स्वीकृत किया जायेगा।
चिकित्सकों को मिलेगा दोहरा लाभ
शासन द्वारा चिकित्सकों पर प्राईवेट प्रैक्टिस में बैन लगाते हुए चिकित्सकों को अव्यवसायिक भत्ता देने की शुरूआत की थी लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी ७० फीसदी से ज्यादा चिकित्सक अस्पताल जाने की बजाय अपने प्राईवेट क्लिनिक में बैठकर पैसा कमा रहे हैं और शासन के आंख में धूल छोंककर अव्यवसायिक भत्ते का भी लाभ उठा रहे हैं। संजय गांधी, सपुर स्पेशिलिटी, जिला चिकित्सालय बिछिया सहित सामूदायिक तथा पीएचसी में पदस्थ अधिकांश चिकित्सक प्राईवेट प्रैक्टिस करने में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं जो मरीज अस्पतालों में पहुंचकर डॉक्टरों को दिखाना चाहते हैं उन्हें भी निजी अस्पतालों में दिखाने की सलाह दी जाती है। ऐसे मरीजों को उनके मर्ज को लेकर चिकित्सक इतना भयभीत कर देते हैं कि उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों के शरण में जाना पड़ता है।