मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से की भेंट, प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा :डॉ. यादव

पश्चिम बंगाल का अब होगा तीव्र विकास
हमारा राज्य बेहतर संगठन वाला प्रदेश
भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से सौजन्य भेंट की। डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नए नेता सुवेंदु अधिकारी के चयन पर कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन किया है। आजादी के 75वें वर्ष में पश्चिम बंगाल में नागरिकों ने जो विश्वास व्यक्त किया है उसके अनुसार नई सरकार पश्चिम बंगाल की प्रगति सुनिश्चित करेगी। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल तीव्र विकास करेगा और सुशासन और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद का दायित्व सम्भालने जा रहे श्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में विकास का नया सूर्य उदित होगा।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन से मुलाकात में राष्ट्रीय, संगठनात्मक और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. यादव ने श्री नबीन को मध्यप्रदेश आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और केंद्र तथा राज्य सरकार के समन्वय से जनता को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री श्री प्रधान को शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. यादव ने नई शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए श्री प्रधान को बताया कि मध्यप्रदेश में सर्वप्रथम नीति का क्रियान्वयन कर अग्रणी राज्यों में शामिल है। डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार, भारतीय ज्ञान परंपरा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि मुझे इस बात का संतोष और आनंद है कि मध्यप्रदेश में सरकार बनने के बाद हमने कई जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। हमारा राज्य बेहतर संगठन वाला प्रदेश है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमारे कामकाज पर प्रसन्नता जाहिर की। भविष्य में हमारे प्रदेश में सिंहस्थ सहित कई बड़े आयोजन होने वाले हैं। इन आयोजनों में सरकार और संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। डॉ. यादव ने कहा कि हम अगर शिक्षा नीति-2020 की बात करें, तो यह सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू हुई। हमारे सांदीपनि विद्यालय पूरे देश के लिए मॉडल बनेंगे। हमने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निमंत्रण दिया है कि वे दो दिन यहां दौरा करें। हमारे सांदीपनि विद्यालय देखें। हम चाहते हैं कि उच्च शिक्षा-तकनीकी शिक्षा सहित कई प्रकार के विषयों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार भारत सरकार के साथ मिलकर काम करे। डॉ. यादव ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने उन्होंने आश्वस्त किया कि जून के फर्स्ट या सेकंड वीक में वे आएंगे। हम भारत सरकार के साथ उस दिशा में काम करना चाह रहे हैं, जिसमें शिक्षा को लेकर नए प्रयोग हों, युवाओं को गुणवत्ता और रोजगारपरक शिक्षा मिले, युवाओं को आज के समसामयिक विषयों में दक्ष करें।
कदम से कदम मिलाकर चलेगा बंगाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि आजादी के 75 वर्ष में पश्चिम बंगाल में कमल खिला है और बंगाल में शुभेंदु अधिकारी विधायक दल के नेता चुन लिए गए हैं। बंगाल की जीत के बाद देशभर में प्रसन्नता का माहौल है। अब बंगाल में विकास का सूरज निकलेगा। उन्होंने कहा कि शुभेंदु के नेतृत्व में देश के बाकी राज्यों के साथ-साथ बंगाल भी कदम से कदम मिलाकर विकास करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। बंगाल देश के साथ विकास करने के लिए सदैव तत्पर रहा है, कांग्रेस-कम्युनिस्ट और टीएमसी ने बंगाल को बहुत पीछे धकेला है। लेकिन अब इतिहास को पीछे छोड़ बंगाल आगे बढ़ेगा।
सांस्कृतिक धरोहरें ज्ञान, कला और सभ्यता की जीवंत प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरें भावी पीढिय़ों को समृद्ध अतीत से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास, ज्ञान, कला और सभ्यता की जीवंत प्रतीक हैं।इन धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन समय की आवश्यकता है, जिससे भावी पीढिय़ाँ भी अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व का अनुभव कर सकें। राज्य सरकार “विरासत भी-विकास भी” के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में प्राचीन मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य निरंतर किया जा रहा है। इन प्रयासों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण देश में विशिष्ट पहचान रखता है। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश में बिखरे मंदिर अवशेषों का वैज्ञानिक पद्धति से मूल स्वरूप में पुनर्स्थापन किया जा रहा है। पुनर्संरचना एवं एनास्टाइलोसिस जैसी तकनीकों के माध्यम से धरोहरों की मौलिकता और ऐतिहासिकता को संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और पुनर्जीवन का महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में धरोहर संरक्षण एवं पुनरुद्धार के कार्य व्यापक स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। समेकित प्रयासों से प्रदेश न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण कर रहा है, बल्कि उन्हें नई पहचान भी प्रदान कर रहा है। प्राचीन विरासत को आधुनिक दृष्टिकोण से जोडऩे की यह पहल प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है।

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