कई बार विधायक और सांसद ने किया भूमि पूजन
पहाड़ में सडक़ बनाने के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने ठुकराया
मामला चाकघाट से सोनौरी होकर हनुमना जाने वाले मार्ग का
नगर प्रतिनिधि, रीवा
सरकारी इंजीनियरों ने बिना योजना ही सडक़ का निर्माण करा डाला। एक पहाड़ के दोनों तरफ सडक़ निर्माण पर 200 करोड़ खर्च कर डाले। अब पहाड़ पर सडक़ बनाने बढ़ी लागत का प्रस्ताव भेजा तो वित्त विभाग ने स्वीकृति देने से मना कर दिया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बिना प्लानिंग के ही इंजीनियरों ने सडक़ का निर्माण कर दिया। इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए, लेकिन उसका जनता का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। यह मामला रीवा जिले के चाकघाट से सोनौरी होकर हनुमाना जाने वाली सडक़ का है। यहां पर मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ( एमपीआरडीसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों ने चौरा घाट के एक तरफ 25 किमी और दूसरी तरफ 27 किमी सडक़ का 200 करोड़ में निर्माण करा दिया। इसके बावजूद इस सडक़ का उपयोग जनता नहीं कर पा रही है, क्योंकि चौराघाट पहाड़ पर चार किमी सडक़ का निर्माण अटक गया है।
दरअसल, एमपीआरडीसी ने दोनों तरफ सडक़ निर्माण के बाद पहाड़ पर निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंप दिया है। पीडब्ल्यूडी ने पहाड़ के ऊपर चार किलोमीटर की सडक़ बनाने की संशोधित लागत 64 करोड़ निकालकर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया। जहां से फाइल अनुमति के लिए वित्त विभाग के पास पहुंची। वित्त विभाग के अधिकारियों ने 19 करोड़ रुपये की जगह लागत 64 करोड़ रुपये होने पर आपत्ति जताते हुए विभाग से जवाब मांगा। इसके बाद विभाग की तरफ से जवाब भेजा गया, लेकिन वित्त विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं है। इसके चलते सडक़ का निर्माण अटक गया है।
लागत बढऩे का दिया तर्क
अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग की तरफ से पहाड़ पर सडक़ निर्माण के लिए दो से तीन साल बाद अनुमति जारी की गई। जिसमें आठ मीटर सडक़ बनाने की ही अनुमति दी गई है। पहाड़ पर खाई की तरफ सडक़ के किनारे चार किलोमीटर की रिटेनिंग वॉल बननी है। वहीं, तीन पुलों का भी निर्माण होना है। इस वजह से निर्माण लागत बढ़ी है।
बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा
रीवा जिले की त्योंथर विधानसभा सीट से विधायक श्याम लाल द्विवेदी का कहना है कि मैंने वन विभाग से लेकर सभी एजेंसियों से अनुमतियां दिलाईं। अब वित्त विभाग की तरफ सडक़ निर्माण के बजट को लेकर आपत्तियां जताई जा रही हैं। जबकि पहाड़ के दोनों तरफ सडक़ का निर्माण हो चुका है। इसके बनने से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
आखिर कब पूरा होगा चौराघाट सडक़ का निर्माण
बहुप्रतीक्षित सडक़ हनुमना सोनौरी मार्ग का निर्माण कार्य कई वर्षो से लंबित है एक पहाड़ के कारण यहां के सैकड़ो लोग प्रतिदिन मजबूरी में कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर यात्रा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं जबकि हनुमना से सोनोरी की दूरी मात्र 35 किलोमीटर है परंतु अभी लोगों को सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचना पड़ रहा है जिससे लोगों का समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।