विंध्यभारत, रीवा
प्रदेश में जल स्त्रोतों तथा नदी, तालाबों, कुओं, बाबडियों एवं अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुर्नजीवन अभियान जल गंगा संवर्धन नमामि गंगे का जिले में शुभारंभ हुआ। अभियान के तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर आज 5 जून को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्त्रोतों के संरक्षण व संवर्धन के कार्यों की शुरूआत हुई।
जिले के जवा जनपद अन्तर्गत ग्राम पंचायत चंदना में पौध रोपण के लिये गडढ़े खोदे जाने का कार्य प्रारंभ हुआ तथा सेमरिया तालाब एवं पोखरी तालाब गहरीकरण कार्य जन सहयोग से प्रारंभ किया गया। ग्राम पंचायत बांसा में ककरहा तालाब को अतिक्रमण मुक्त किये जाने हेतु स्थल निरीक्षण किया गया तथा इससे अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गये।
अभियान के दौरान चयनित जल संरचनाओं के अतिरिक्त नदी, झील, तालाब, कुआं, बावड़ी के पुनर्जीवन/संरक्षण, उन्नयन कार्य स्थानीय सामाजिक एवं जनभागीदारी के माध्यम से कराये जायेगें।
इस अभियान को जन अभियान बनाने तथा सभी का सहयोग लेकर किया जायेगा। जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकने के लिये फेंसिंग के रूप में वृक्षारोपण किया जायेगा तथा इनके संरक्षण के लिये सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। पुराने कुएं एवं बावडिय़ों की साफ-सफाई , मरम्मत कार्य भी इसी अवधि में कराये जायेगें।