“श्री प्रकाश शुक्ला: एक सवाल, जिसका जवाब आज भी अधूरा है”
✍️शिवेंद्र तिवारी श्री प्रकाश शुक्ला — नाम सुनते ही ज़हन में गोलियों की आवाज़ें गूंजती हैं, सीने में डर उतर आता है और उत्तर प्रदेश के उस दौर की तस्वीरें आंखों के सामने तैरने लगती हैं, जब कानून किताबों में और बंदूकें सड़कों पर राज कर रही थीं। लेकिन कभी कोई सोच भी नहीं सकता…