नगर प्रतिनिधि, रीवा
मऊगंज जिले में एक खुले बोरवेल में बकरा गिर जाने की खबर मिल रही है। बेजुबान को बचाने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार बोरवेल खुला होने के कारण यह घटना हुई है, इसके बाद स्थानीय लोगों की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे एवं बेजुबान जानवर को बचाने का प्रयास किया जा रहे हैं
दरअसल, यह मामला मऊगंज जिले के नईगढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़वा का बताया गया जहां सुबह 8 बजे खेतों में घास चरा रहा बकरा अचानक खुले बोरवेल में गिर गया इसके बाद स्थानीय लोगों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो इसकी सूचना अधिकारियों को दी, फिलहाल बकरा कितने फिट गहराई में है इसकी जानकारी नहीं है। संभावना जताई जा रही कि 20 से 30 फिट में हो सकता है
मऊगंज जिला प्रशासन के द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके स्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हालही में रीवा जिले के मनिका गांव में खुले बोरवेल में गिरने के कारण 6 वर्षीय मासूम मयंक आदिवासी की मौत हो गई थी जिसके बाद पूरे प्रदेश में खुले बोरवेल को लेकर निर्देश भी जारी किए गए थे साथ ही लापरवाही अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाई भी की गई थी।
उस घटना के एक महीने बाद एक बार फिर मऊगंज में ऐसा मामला सामने आया है लेकिन इस बार एक बेजुबान बकरा सिस्टम की लापरवाही का शिकार हुआ है। फिलहाल बकरे की जान बचाने के लिए रेस्क्यू चलाया जा रहा है। तथा घटनास्थल पर एसडीएम तहसीलदार थाना शासन प्रशासन के प्रयासों के बाद भी नही बंद हो सके खुले बोर। खुले बोरवेल में हो रही दुर्घटनाओं को लेकर शासन प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कहीं भी खुले में बोरवेल पाया जाता है तो उसे बंद कराया जाए संबंधित भूमि स्वामियों की लापरवाही तो देखने को मिल ही रही है ताज्जुब की बात तो यह है कि शासन के निर्देश का पालन पंचायत सचिव रोजगार सहायक पंचायत विभाग के उप यंत्री तथा राजस्व विभाग के पटवारी ही नहीं सुन रहे हैं।
जबकि पूर्व में हुई दुर्घटनाओं को संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन रीवा और मऊगंज में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कहीं भी अगर खुले में बोर बोल पाए गए तो संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी अब खुले बोरवेल में दुर्घटना का मामला नईगढ़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत छत्रगढ़ कला में ग्राम गढ़वा से सामने आई है जहां प्रशासनिक कार्यवाही के डर से जमीनी कर्मचारियों की सांस फूलने लगी है।
खुले बोरवेल गहरी खदानें और कुआं बन रहे दुर्घटनाओं का कारण
रीवा और मऊगंज जिले में खुले बोरवेल को चिन्हित कर उन्हें बंद कराने प्रशासन स्तर से कड़े निर्देश दिए गए हैं वावजूद इसके अभी तक पूरी तरह से शासन के निर्देश का पालन नहीं किया गया ग्राम गढ़वा में आज हुई दुर्घटना इस बात का प्रमाण है देखा जाए तो खुले बोरवेल के अलावा गहरी खदानें और कूप भी जानलेवा हैं खदानों और कूपों में भी दुर्घटना होती रहती है बरसात के दिनों में गहरी खदानों में पानी भर जाता है और उसमें गिरकर य डूबकर बच्चे काल के गाल में समा जाते हैं इसके साथ ही बाउंड्री विहीन गहरे कूप भी जानलेवा हैं जिनको चिन्हित करके संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।