देश की सुरक्षा किसी भी कारोबारी हित से ऊपर है
नई दिल्ली :भाजपा सांसद और संसदीय आईटी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने एलन मस्क को दोटूक जवाब देते हुए कहा है कि भारत किसी भी तरह के दबाव में अपनी सुरक्षा नीति नहीं बदलेगा। उन्होंने साफ कहा कि देश की सुरक्षा किसी भी कारोबारी हित से ऊपर है। दुबे के मुताबिक स्टारलिंक से जुड़ी चुनौतियों को लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हैं और रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा जांच एजेंसियां भी इनसे जुड़े संभावित खतरों पर चिंता जता रही हैं।
निशिकांत दुबे ने एलन मस्क को जवाब देते हुए कहा कि भारत एक संप्रभु और लोकतांत्रिक देश है। यहां सुरक्षा से जुड़े फैसले किसी दबाव या सोशल मीडिया पर चलने वाली बहस के आधार पर नहीं लिए जाते। उन्होंने मस्क को नसीहत देते हुए कहा कि पहले वे अपने देश अमेरिका के गरीब लोगों को सस्ती दरों पर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराएं, फिर भारत पर सवाल उठाएं। दुबे ने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा नीति तय करते समय राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखा जाएगा। दुबे ने कहा कि संसदीय समिति स्टारलिंक के कारण देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझ चुकी है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और जांच एजेंसियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन संस्थाओं को ऐसे मामलों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर चिंता है। दुबे ने आरोप लगाया कि इन चुनौतियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पूरी गंभीरता के साथ विचार करना जरूरी है। निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर भारत के लिए पैसा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होता, तो सुरक्षा एजेंसियों की आपत्तियों के बावजूद एलन मस्क का स्वागत रेड कार्पेट बिछाकर किया जाता। उन्होंने मस्क से सवाल किया कि क्या अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक राजनीतिक दलों को ज्यादा समर्थन नहीं दिया जाता? उनके मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को नजरअंदाज करके किसी कंपनी को आगे बढऩे की छूट नहीं दी जा सकती।

