युवा खड़ी करेंगे क्वालकॉम-इंटेल जैसी कंपनियां
नई दिल्ली: केंद्रीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव को भरोसा है कि आने वाले वर्षों में भारत के युवा ऐसी कंपनियां खड़ी कर सकते हैं, जो दुनिया में क्वालकॉम और इंटेल जैसी पहचान बनाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर सिर्फ चिप बनाने पर नहीं, बल्कि चिप डिजाइन, मशीनरी, कच्चे माल, पैकेजिंग, स्टार्टअप और कुशल लोगों को तैयार करने पर भी है। हालांकि उन्होंने सेमीकंडक्टर कंपनियों को साइबर हमलों और दूसरे संभावित खतरों से सावधान रहने की भी सलाह दी है।
वैष्णव ने कहा कि पिछले चार-पांच साल में भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लेकर दुनिया की सोच काफी बदली है। पहले लोग सवाल उठाते थे कि क्या भारत वाकई बड़े स्तर पर सेमीकंडक्टर बना पाएगा। लेकिन अब कई परियोजनाएं निर्माण से आगे बढक़र टेस्टिंग और उत्पादन तक पहुंच चुकी हैं। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां अब भारत में निवेश को लेकर गंभीर हैं। कई कंपनियां अपने भारतीय साझेदार और प्लांट लगाने के लिए जगह तय कर रही हैं। वैष्णव ने बताया कि एक कंपनी के सीईओ ने उनसे यहां तक कहा कि उनके बोर्ड ने भारत में उतना पैसा लगाने की मंजूरी दे दी है, जितना उनकी टीम वास्तव में खर्च कर सकती है। मंत्री ने कहा कि विदेशी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी सरकार के काम को मिली एक तरह की मंजूरी है, लेकिन इसे मंजिल नहीं समझना चाहिए। सेमीकंडक्टर का कारोबार बहुत मुश्किल और जटिल है। इसमें आगे बढऩे के लिए लंबे समय तक लगातार मेहनत करनी होगी। धैर्य रखना होगा और छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान देना होगा। उनका कहना है कि भारत को सिर्फ वही चिप या तकनीक नहीं बनानी है, जो दूसरे देश पहले से बना रहे हैं। देश के युवाओं को ऐसे नए और अलग उत्पाद बनाने होंगे, जिनकी दुनिया भर में जरूरत हो। वैष्णव का मानना है कि अगर भारत के युवा अच्छे और नए उत्पाद तैयार करते हैं, तो दुनिया की कंपनियों को भारतीय सप्लाई चेन का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले वर्षों में भारत से क्वालकॉम और इंटेल जैसी कंपनियां निकलेंगी। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे युवा पीढ़ी अच्छे उत्पाद बनाने की जिम्मेदारी संभालेगी, भारत में वैश्विक स्तर की सेमीकंडक्टर कंपनियों के बनने की संभावना बढ़ेगी।
