दुनिया में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रहीं भारत आर्थिक सेतु बना रहा
भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण है।
नई दिल्ली: ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। जब साल 2006 में यह समूह बना, तब इसमें केवल चार देश थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों तक बढ़ गया है।” ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ी है। ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और समाधानों के लिए भी अहम केंद्र के तौर पर उभर रहे हैं। हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहल से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं। ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिख रही हैं। भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजऩेस फोरम है।”
पीएम ने कहा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण है। पिछले 12 सालों में भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों का आधार बनाया है।”उन्होंने कहा “लचीलेपन के मामले में भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक के सेक्टर में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। इसी लचीलेपन का नतीजा है कि आज दुनिया भर में अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है। हम तेजी से अपनी सडक़ों, रेलवे, पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही, हम रणनीतिक सेक्टर जैसे कि जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी में नई क्षमताएँ विकसित कर रहे हैं। भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेन-देन को नई गति दी है। आज दुनिया के 50 फीसदी रियल-टाइम पेमेंट इसी टेक्नोलॉजी के जरिए होते हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा आज जब दुनिया भर में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं भारत आर्थिक सेतु बना रहा है। 2014 से हमने लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।”उन्होंने कहा “हमारा ध्यान व्यवसायों के लिए रुकावटें कम करने और उनके लिए नए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। इसीलिए अपनी अध्यक्षता के दौरान हमने कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए नेटवर्क बनाए हैं।
टॉप 10 बाधाओं को दूर करने पर बनाएं रिपोर्ट
पीएम ने कहा “जैसे ही ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, मैं ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से आग्रह करता हूँ कि आप ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की टॉप 10 बाधाओं को दूर करने पर एक रिपोर्ट बनाएं? क्या हम हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को अन्य ब्रिक्स बाजारों में विस्तार करने में मदद कर सकते हैं? क्या हम अपने व्यवसायों के बीच एक हजार नई साझेदारियाँ बना सकते हैं? हमें हर साल इन तीन पैमानों पर अपनी प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए। आइए ब्रिक्स की महत्वाकांक्षाओं को कार्रवाई में और अपनी सामूहिक शक्ति को वैश्विक समाधानों में बदलें। आइए ब्रिक्स को आगे बढ़ाएँ और दुनिया को भी आगे ले जाएँ।”
भारत समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पक्का समर्थक
प्रधानमंत्री ने कहा “ग्लोबल ट्रेड में तरक्की तभी संभव है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले रहें और समुद्री यात्री सुरक्षित हों। इसीलिए भारत नेविगेशन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है।” “ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन भी हमारे विजन का एक अहम हिस्सा है। हम चाहते हैं कि महिला उद्यमी हमारी विकास यात्रा का नेतृत्व करें। हमें खुशी है कि भारत में आयोजित इस गठबंधन की बैठक में लगभग 200 महिला बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया।”
पता नहीं क्यों जी 7 खुद को ग्रेट-7 कहते हैं
बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जी 7 पर तीखा तंज कसा। पुतिन ने सवालिया अंदाज में कहा “पता नहीं क्यों वे इसे ग्रेट-7 कहते हैं।”रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी रहती है। इसलिए इन देशों के घरेलू बाजार भी बहुत बड़े हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में शहरों का तेजी से विस्तार हो रहा है और वहां की कंपनियां भी दुनिया में अपनी पहचान बना रही हैं। पुतिन ने अपने संबोधन में पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा को लेकर लंबे समय से बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन पश्चिमी प्रतिस्पर्धी अपना पुराना प्रतिस्पर्धात्मक लाभ वापस हासिल करने के लिए कई तरह के कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतिस्पर्धा कई बार ‘बदसूरत रूप’ ले लेती है। पुतिन ने पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाने, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को रोकने, समुद्री जहाजों को जब्त करने और अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों का जिक्र किया।
मोदी-पुतिन ने एक ही गाड़ी में किया सफर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक के बाद एक कार में सवार होकर भारत मंडपम में प्रदर्शनी के लिए गए। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात की। दोनों की यह मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली। दोनों नेताओं की यह बैठक ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के शुरू होने से एक दिन पहले हुई है।
