प्रधानमंत्री ने बताया अपना अगला लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ रही है और उनके सपने भी बड़े हो रहे हैं। इससे विकसित भारत के भविष्य को लेकर उनका भरोसा और मजबूत होता है। मोदी ने कहा कि जिन्होंने मुझे 10 साल में देखा है, वे जानते हैं मोदी एक पड़ाव पर पहुंचकर, जश्न मनाकर संतुष्ट होने वाला नहीं है। जब एक लक्ष्य प्राप्त होता है तो मैं दूसरे लक्ष्यों की तैयारी में जुट जाता हूं। जहां भी भारतीय बड़ी संख्या में रहते हैं और जहां भारत बड़े पैमाने पर व्यापार करता है और जो देश हमारे साथ चलने के लिए तैयार है, हमें उन सब को जोडऩे पर काम करना होगा। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विदेश में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। दुनिया में भारतीय ही बड़ी संख्या में भारत पैसा भेजते हैं। उसका एक बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन कॉस्ट में चला जाता है। यूपीआई इसमें भी भारतीयों को लाभ दिला सकता है और पैसा तुरंत उनके परिवारों के पास पहुंच सकता है।
पीएम ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले भारतीय अपने परिवारों को पैसा भेजते हैं, लेकिन रकम का एक हिस्सा ट्रांजैक्शन कॉस्ट में चला जाता है। मोदी ने कहा कि इस समय दुनिया टकराव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और कमोडिटी की सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। पिछले कई महीनों से यह स्थिति बनी हुई है और अप्रैल से जून की तिमाही विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में जब भारत 7.8 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है, तो इससे दुनिया का भरोसा भारत पर और मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यही भरोसा ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में मौजूद लोगों के चेहरों पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘ए’ कैटेगरी में अपग्रेड किया है। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि यह उपलब्धि करीब तीन दशक के लंबे अंतराल के बाद हासिल हुई है।

