भारत-पाक के 100 से अधिक हस्तियों ने मोदी और शहबाज को लिखा पत्र


कहा- खत्म होनी चाहिए दोनों देशों की दुश्मनी
नई दिल्ली:भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों के एक समूह ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से दुश्मनी खत्म करने, शांति, सामान्य स्थिति, संवाद करने की दिशा में कदम उठाने के आग्रह किया। आगे कहा कि यह दोनों देशों के लाखों युवाओं को अवसरों, समृद्धि और एक सुरक्षित भविष्य से वंचित कर रही है। उन्होंने पूर्ण राजनयिक संबंधों की बहाली और भारत और पाकिस्तान में उच्चायुक्तों की पुन:नियुक्ति के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिकों के लिए सामान्य वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने की मांग की।
सेंटर फॉर पीस एंड प्रोगेस की ओर से जारी एक पत्र में भारत और पाकिस्तान के अहम राजनीतिक हस्तियों समेत 117 लोगों ने तुरंत राजनायिक से लेकर संवाद होने, लोगों के बीच संबंधों को फिर से जोडऩे के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक पहुंच को बढ़ावा देने तक के सुझाव दिए हैं। भारत से नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला, अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, राजद सांसद मनोज झा, पूर्व टीएमसी मंत्री और पश्चिम बंगाल के हुमायुं कबीर समेत 61 लोगों ने पत्र में साइन किए थे। जबकि पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, राष्ट्रीय सभा के सदस्य इस्फन्यार भंडारा जैसे राजनेताओं के अलावा न्यूक्लियर फिजिक्स साइंटिस्ट और राइटर परवेज हुडभोय समेत 56 लोगों ने साइन किए थे। इस पत्र में कहा गया, “भारत और पाकिस्तान की आबादी दुनिया की आबादी का एक पाँचवाँ हिस्सा हैं। दोनों देशों के आबादी का एक बड़ा हिस्सा युवा है। दोनों देशों के लोग निरंतर अविश्वास और टकराव के बजाय शांति, विकास, संपर्क और सहयोग से भविष्य के हकदार हैं।” दशकों के अलगाव ने हमारी सामूहिक क्षमता को बाधित किया है और इसके फलस्वरूप सामाजिक, आर्थिक और मानवीय स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। हमारा मानना है कि निरंतर जुड़ाव और संवाद ही मतभेदों को सुलझाने और एक स्थिर एवं समृद्ध क्षेत्र का एकमात्र सही रास्ता है।” इस समूह ने पीएम मोदी और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से इस संबंध में विभिन्न विश्वास बढ़ाने के उपायों पर विचार करने का आग्रह किया, जैसे कि पूर्ण राजनयिक संबंधों की बहाली और नई दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की पुन: नियुक्ति के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिकों के लिए वीजा सर्विस को फिर से शुरू करना।

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