चंपत राय ने छोड़ा राम मंदिर ट्रस्ट, अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में कार्रवाई तेज हो गई है। विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपितों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अब पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी गई है। गिरफ्तार आरोपितों को फैजाबाद स्थित स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस ने किसी भी आरोपित की कस्टडी रिमांड नहीं मांगी है। मोहर्रम अवकाश के चलते विशेष रिमांड कोर्ट में सुनवाई हुई। अब सोमवार को सभी आरोपितों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया है. इसी क्रम में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना त्यागपत्र दिया है. राम मंदिर दान गबन मामले में दोनों ही पदाधिकारियों पर इस्तीफे का दबाव था.एक दिन पहले गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में लंबी प्रशासनिक उठा-पटक और गहन जांच के बाद थाना राम जन्मभूमि में आठ लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया. यह हाई-प्रोफाइल मुकदमा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त ट्रस्टी कृष्ण मोहन की लिखित तहरीर पर आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया.कानून व्यवस्था से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस संवेदनशील मामले में गठित स्ढ्ढञ्ज ने अपनी प्राथमिक गोपनीय रिपोर्ट अपर गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंपी थी. शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ इतनी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है.
79 लाख से अधिक रुपये बरामद
आरोपियों से अब तक कुल मिलाकर ?79,85,493 बरामद किए गए हैं। आरोपियों में से केवल एक सुभाष से कुछ भी बरामद नहीं हुआ, हालांकि वह साजिश में शामिल था। बाकियों से अलग-अलग रकम बरामद हुई। शामिल लोगों में सरकारी कर्मचारी और सरकार से सैलरी पाने वाले लोग हैं, और उनमें एसबीआई के कई कर्मचारी भी हैं। एसबीआई से लगभग पाँच या छह लोग हैं।”
40 दिन में 70 बार की गई चोरी और गबन
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चढ़ावे के पैसे और जेवर चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। टिन्नू यादव समेत अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश, रमा शंकर मिश्र गिनती के बाद अपने साथ कैश और ज्वेलरी जेब में रखकर बाहर ले जाते थे। जांच में सामने आया कि कई आरोपी सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाए गए थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद उनकी तलाशी भी नहीं ली जाती थी। स्27 अप्रैल से 5 जून में करीब 70 बार चोरी या गबन जैसी गतिविधियां दिखाई दीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आठों आरोपित गिरफ्तार