अल नीनो इफेक्ट से निपटने बनाया जाएगा कंटिजेंसी प्लान
नई दिल्ली: अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए देश भर में जिलेवार कटिंजेंसी प्लान बनाया जाएगा. इसके लिए रणनीति बनाने हर हफ्ते कृषि मंत्रालय बैठक करेगा. केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश भर में खरीफ की फसल की समीक्षा बैठक की.
समीक्षा बैठक में शिवराज सिंह ने कहा कि देश के ऐसे जिलों में जहां कम बारिश या असामनता की आशंका दिखाई दे रही है, वहां पहले से ही पूरी तैयारी की जाए. इसके लिए राज्यों के साथ मिलकर फसलवार कंटिजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ निर्देश दिया कि “देश भर के जिन जिलों में अल नीनो इफेक्ट कर सकता है, जहां कम बारिश हो सकती है वहां पानी के संरक्षण, नमी प्रबंधन, इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष ध्यान दिया जाए. हर जोखिम वाले जिले के लिए अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जाए.”केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा जिन 10 राज्यों में अल नीनो का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकता है, वहां के चिन्हित जिलों के जिला अधिकारी, कृषि विभाग, केवीके और अन्य विस्तार तंत्र के साथ समन्वित बैठकें आयोजित की जाएं. इन बैठकों में जिला स्तर पर पूरी स्थिति स्पष्ट कर किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि हर किसान को यह पता रहे कि उसके क्षेत्र के लिए कौन-सी सावधानियां और कौन-से फसल विकल्प अधिक सुरक्षित हैं.” केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया, “सरकार का प्रयास है कि दलहन के मामले में देश आत्मनिर्भर बने. अरहर, उड़द, मूंग जैसी दालों में आयात पर निर्भरता कम हो और निर्यात बढ़े. इसके लिए राज्यों के साथ मिलकर फसल चक्र, क्षेत्र विस्तार, बेहतर बीज उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन पर खास तरह से फोकस किया जा रहा है. किसान सुरक्षित आय के साथ दलहन उत्पादन बढ़ा सकें. बैठक में खरीफ 2026 के लिए फसलवार लक्ष्य, बुवाई की प्रगति और राज्यवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए कपास उत्पादन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.
किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए: शिवराज