दुनिया अस्थिरता और उथल-पुथल के दौर से गुजऱ रही
हैदराबाद । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी में एडवांस्ड वेपन सिस्टम कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के मौके पर कहा कि मैं यह भविष्यवाणी करता हूं कि ‘प्रोजेक्ट कुशा’ भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस सिस्टम ने 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी प्रभावशीलता साबित की। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के स्तर का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी अहमियत साबित की है। अब किसी और सबूत की ज़रूरत नहीं है ठीक वैसे ही जैसे द्वापर युग में गोवर्धन पर्वत ने पूरे ब्रज क्षेत्र की रक्षा की थी, हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने उस दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा का कवच प्रदान किया। सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘प्रोजेक्ट कुशा’ कई तरह के खतरों जैसे कि स्टील्थ एयरक्राफ़्ट, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक हथियार से कई स्तरों वाली सुरक्षा देता है। रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों पर ज़ोर देते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र के सरकारी उपक्रम, प्राइवेट इंडस्ट्रीज़, स्टार्टअप्स और एकेडेमिया पहले से कहीं ज़्यादा तालमेल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं यह साफ़ है कि यह मिलकर काम करने का मॉडल भारत की इनोवेशन से प्रोडक्शन और प्रोडक्शन से ऑपरेशनल क्षमता तक की यात्रा को तेज़ करेगा। सिंह ने कहा कि दुनिया अस्थिरता और उथल-पुथल के दौर से गुजऱ रही है, जहाँ कुछ जगहों पर टकराव है, तो कहीं अस्थिरता है, और कुछ जगहों पर तो सीधे युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। इंटरनेशनल ऑर्डर तनाव और बदलाव के दौर से गुजऱ रहा है। पुरानी धारणाएँ टूट रही हैं और नए गठबंधन व नई चुनौतियाँ आकार ले रही हैं।
प्रोजेक्ट कुशा भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा : रक्षा मंत्री