बीकानेर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को देश की सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू करने और पिछले कुछ वर्षों में बने ऐसे सभी ढांचों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने जिला मजिस्ट्रेटों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी बैंकों द्वारा बैंकिंग लेनदेन के कानूनी और वित्तीय अनुपालन को सुनिश्चित करने, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करने, उनके वित्तपोषण स्रोतों की जांच करने, फर्जी खातों और फर्जी कंपनियों का पता लगाने, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करने और सीमा पार तस्करी को नियंत्रित करने की बढ़ी हुई जिम्मेदारी सौंपी है।
शाह ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने के मामले में महिला कर्मी पुरुषों से दो कदम आगे बढ़ चुकी हैं और 2030 तक सीमा क्षेत्रों में तैनात महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल द्वारा संरक्षित सीमावर्ती क्षेत्रों में महिलाओं की तैनाती की स्थिति सुधारने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 356 बैरक बनाए जाएंगे। शाह ने कहा कि नयी डिजाइन की बाड़बंदी पर भी काम चल रहा है और राजस्थान में लगभग 180 सीमा चौकियों तक पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों ने लगभग 7.35 करोड़ पेड़ लगाए हैं। शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान को देखते हुए वृक्षारोपण लाभकारी सिद्ध होगा।
सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध ढांचे होंगे ध्वस्त:अमित शाह