ठेकेदारों के काम की नियमित जांच होगी
फ्लाई ऐश को कंटेनरों में ढोया जाएगा
नई दिल्ली : रेल मंत्री ने आठ नए सुधारों की घोषणा की। इससे पहले दो-तीन चरणों में नौ सुधारों की घोषणा की जा चुकी है। रेलवे ने नए रिफार्म के तहत फ्लाई ऐश के परिवहन में बदलाव किया है। अब पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश को खुले वैगनों की बजाय विशेष बंद कंटेनरों में ढोया जाएगा। इससे धूल उडऩे और प्रदूषण की समस्या कम होगी, जबकि ऊपर से लोडिंग की सुविधा से परिवहन भी अधिक सुरक्षित और आसान बनेगा।
मंत्रालय ने कंटेनर परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस व्यवस्था आसान कर दी है। अब कंटेनर संचालन के लिए एकीकृत लाइसेंस सिस्टम लागू होगा। इससे अधिक कंपनियां इस कारोबार से जुड़ सकेंगी और उद्योग को स्थिरता मिलेगी। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था लागू की है। अब उर्वरकों की ढुलाई कंटेनरों के जरिए भी की जा सकेगी। अलग अलग मालभाड़ा स्लैब की जगह किराया प्रति टन प्रति किलोमीटर के आधार पर तय होगा। रेलवे के मुताबिक, इससे उर्वरकों का परिवहन तेज होगा और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। रेलवे परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्किल टेस्ट और प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। अब केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित श्रमिकों को ही रेलवे के निर्माण कार्यों में काम दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर होगी। नए सुधारों के तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के नियम कड़े किए हैं। उनके काम की नियमित जांच होगी। ठेकेदारों को परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर दस प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।
यत्र तत्र सर्वत्र