लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा कि नमाज सडक़ पर नहीं होने देंगे, सडक़ें चलने के लिए हैं और आवागमन के लिए हैं। उन्होंने कहा “लोग मुझसे पूछते हैं कि आपके यहां यूपी में क्या सडक़ों पर सच में नमाज नहीं होती। मैं कहता हूं कतई नहीं होती है, आप जाकर देख लो नहीं होती है।” उन्होंने कहा “अरे सडक़ें चलने के लिए हैं, क्या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा क्या अधिकार है उसको सडक़ रोकने का, आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है। जहां उसका स्थल होगा, वहां जाकर करे”
योगी ने कहा तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो और नहीं है सामर्थ्य तो क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाए जा रहे हो।”आदित्यनाथ ने कहा कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो नियम और कानून को मानना शुरू करें। कानून का राज होगा, कानून का राज सबके लिए समान रूप से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर नमाज पढऩी आवश्यक है, आप शिफ्ट में पढि़ए, हम उसको रोकेंगे नहीं लेकिन सडक़ पर नहीं होने देंगे। सडक़ चलने के लिए है, एक आम नागरिक, एक बीमार व्यक्ति और एक कामगार के लिए है। उन्होंने कहा “हम सडक़ को बाधित नहीं करने देंगे। सरकार का नियम सार्वभौम है, सबके लिए समान रूप से लागू होता है। हमने सबको कहा कि अब ये नहीं चलने देंगे। अराजकता सडक़ों पर नहीं फैलने देंगे। प्यार से मानेंगे ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना, आप संवाद से मानेंगे तो संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली मे ंलोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया, देख ली ताकत। इसलिए सरकार सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोडऩा चाहती है।
सडक़ पर नमाज पढऩे से नहीं मिलता सुकून :मौलाना
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मुसलमान मस्जिद में नमाज पढ़ता है, घर और दुकान-मकान में भी नमाज पढ़ता है. उन्होंने कहा कि इस्लाम ने सख्त हिदायत दी है कि नमाज पढऩे वाले बंदे और खुदा के बीच इत्मिनान और सुकून होना चाहिए, जो मस्जिद और घर में मिलता है, सडक़ पर नहीं.शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मुसलमान न सडक़ पर और न ही चौराहे पर नमाज पढ़ते हैं. ईद-बकरीद के संदर्भ में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि ईद-बकरीद पर जब भीड़ ज्यादा होती है तो नियम है कि एक मस्जिद में इमाम बदलकर शिफ्ट-दर-शिफ्ट नमाज हो. इससे कहीं भी सडक़ पर दिक्कत नहीं होगी और न ही ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होगी. उन्होंने कहा कि इस्लाम दिक्कत नहीं देता, बल्कि आसानी पैदा करता है.