विधानसभा में मुख्यमंत्री का कांग्रेस और विपक्ष पर कड़ा हमला

विपक्ष ने की बहनों के अधिकारों की चोरी
कांग्रेस के पाप की वजह से रुका आरक्षण”
भोपाल: नारी शक्ति वंदन विषय पर चर्चा के लिए बुलाए गए मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सदन में महिला आरक्षण बिल के इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस को महिलाओं के अधिकारों का सबसे बड़ा बाधक बताया। उन्होंने शायरी के जरिए निशाना साधते हुए कहा “तू इधर-उधर की बात ना कर, यह बता कि काफिला लूटा कैसे?”
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गिरगिट की तरह रंग बदला है। उन्होंने याद दिलाया कि 1972 में कांग्रेस ने ही संविधान संशोधन कर महिला आरक्षण को रोका था। डॉ. यादव ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो यहाँ तक कह दिया था कि “श्रेय आप ले लो लेकिन बिल पास होने दो”, फिर भी विपक्ष नहीं माना। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तब भी बिल पास नहीं होने देती और विपक्ष में रहकर भी समर्थन नहीं करती। मुख्यमंत्री ने गणित समझाते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने लोकसभा में यह बिल नहीं रोका होता तो आज मध्य प्रदेश की तस्वीर अलग होती। आरक्षण लागू होने पर मध्य प्रदेश विधानसभा की सीटें 230 से बढक़र 345 हो जातीं और इनमें से 114 सीटें सीधे तौर पर बहनों के लिए आरक्षित होतीं। उन्होंने कांग्रेस पर अधिकारों की चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने हमेशा किंतु-परंतु लगाकर महिलाओं के साथ अन्याय किया है।
महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए
सीएम ने सदन में प्रस्ताव रखा कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने कांग्रेस पर महिला आरक्षण बिल के मामले में महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। जब कांग्रेस विधायकों ने हंगामे के बाद वॉकआउट किया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की आदत बन गई है कि वे महिलाओं के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा से भागते हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आधी आबादी के अधिकारों की रक्षा करने वाले एक बड़े कदम के रूप में बताया।
लोकतंत्र एक निर्णायक दौर से गुजर रहा
मुख्यमंत्री ने बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकतंत्र एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद निंदनीय और कष्टकारी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा कि द्रौपदी का चीरहरण तो हमने 5000 साल पहले का सुना था, लेकिन बहनों की इज्जत के साथ खेलने का घटनाक्रम संसद में जिस प्रकार हुआ, वह हमारे लिए अत्यंत कष्टकारी और निंदनीय है। प्रधानमंत्री और अमित शाह ने प्रस्तावक बनकर जो निर्णय लिया, उसमें शुरुआत से ही हर दल को सुझाव देने का अवसर दिया गया। मोदी जी ने सभी को खुला पत्र भी लिखा, ताकि कोई यह न कहे कि हमें बोलने का अवसर नहीं मिला या हमसे चर्चा नहीं की गई।

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