भारतीय सेना किसी दल की नहीं, देश की है’: पूर्व सेना प्रमुख

नई दिल्ली : भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने दो टूक शब्दों में कहा है कि हमारी सेना पूरी तरह से अराजनीतिक है और हमेशा रहेगी। सेना का काम देश की रक्षा करना है, राजनीति करना नहीं। उन्होंने साफ कहा कि सेना सरकार के आदेशों का पालन करती है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सेना राजनीतिक हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह से अराजनीतिक हैं और एक संस्था के रूप में वे कभी भी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे।
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि सेना में एक अनुशासन होता है जिसके तहत जूनियर अपने सीनियर का आदेश मानता है। एक सेना प्रमुख के ऊपर देश के रक्षा मंत्री होते हैं। अगर रक्षा मंत्री कोई आदेश देते हैं, तो सेना को उसे हर हाल में मानना होता है। रक्षा मंत्री का आदेश मानना सेना की ड्यूटी है। आदेश का पालन करने का मतलब यह नहीं है कि सेना किसी राजनीतिक दल की हो गई है। सेना हमेशा अराजनीतिक रहकर ही अपना काम करती है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश अगर अपने पड़ोसियों से इतना आगे निकल पाया है, तो उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि हमारी सेना राजनीति से कोसों दूर है। उन्होंने चेतावनी दी कि सेना को राजनीति में खींचने की कोशिशें देश के लिए बहुत खतरनाक हैं। अगर हमें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते रहना है, तो सेना का अराजनीतिक बने रहना बहुत जरूरी है। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि कुछ लोग बेवजह हर बात का मुद्दा बना लेते हैं, लेकिन सेना इससे घबराने वाली नहीं है। सेना को खुद पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी कहे, भारतीय सेना किसी के बिछाए जाल में नहीं फंसेगी। जनरल नरवणे ने बताया कि वह हमेशा अपने जवानों से कहते थे कि खुद पर और अपनी संस्था पर पूरा भरोसा रखें। उन्होंने जवानों को यह विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना एक बेहतरीन संगठन है और वह जो भी कदम उठाएगी, वह हमेशा देश की भलाई के लिए ही होगा।

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