“जब ज़रूरत पड़ी, राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपिंग ग्लव्स भी पहन लिए – भारतीय क्रिकेट का वह साइलेंट वॉरियर जिसे टीम के लिए कुछ भी मंजूर था!”
✍️शिवेंद्र तिवारी 9179259806 90 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में भारतीय क्रिकेट एक अजीब दौर से गुज़र रहा था। बल्लेबाज़ी क्रम में तो विकल्प थे, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ का संतुलन टीम में एक बड़ी कमी बन चुका था। नयन मोंगिया के बाद अजय रात्रा, विजय दहिया, सबा करीम, समीर दिघे, और कई…