फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे,दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
नई दिल्ली :पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबर मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। पीएम ने कहा कि ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं और दोषियों को देश के शीर्ष वकीलों की मदद से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके। भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी।
पेपर लीक पर बोले प्रधानमंत्री, युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढक़र कुछ नहीं