नई दिल्ली : बिम्सटेक देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद, साइबर हमलों, समुद्री चुनौतियों और आर्थिक अस्थिरता जैसे साझा खतरों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि विश्वास, साझेदारी और समन्वित कार्रवाई में है।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में क्षेत्रीय सहयोग अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज सशस्त्र संघर्षों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, तकनीकी व्यवधानों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अवरोधों के कारण पैदा हुए आर्थिक दबावों का सामना कर रही है। ऐसे समय में बिम्सटेक देशों को साझा हितों की रक्षा के लिए सामूहिक और निर्णायक कदम उठाने होंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बिम्सटेक ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा जैसी साझा चुनौतियों के विरुद्ध उल्लेखनीय प्रगति की है। अब संगठन नई और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी सामूहिक क्षमता विकसित कर रहा है। डोभाल ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, क्षमता निर्माण और आर्थिक सुरक्षा जैसे बिम्सटेक के मूल स्तंभ आने वाले वर्षों में भी सदस्य देशों के सहयोग का आधार बने रहेंगे।
आतंकवाद, साइबर हमलों का समाधान समन्वित कार्रवाई में है:डोभाल