आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से विकास किया जा रहा :डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां

आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला है। सरकार द्वारा छोटे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि सीएसआर फंड से बनाए गए सदावल में स्थित इस आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये गये है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से विकास किया जा रहा है, जिससे निरंतर उनकी दशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के विकास एवं पढ़ाई के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जैन के स्वेज फार्म सक्षम आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र के अवलोकन एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम में उक्त बातें कही।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त पक्के भवन, फर्नीचर, खिलौने, पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा सब कुछ एक ही छत के नीचे एक ही जगह उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र पर फूड जोन, स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष, मेडिसिन कक्ष का अवलोकन कर जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ का उज्जैन से हजारों साल पुराना संबंध रहा है। उज्जैन के राजा इंद्रसेन ने वर्तमान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बाबा जगन्नाथ का भव्य मंदिर बनवाया था। यहां पर गोपाल कृष्ण, भगवान बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित हैं। सनातन संस्कृति के 4 धामों में ओडिशा का जगन्नाथपुरी तीर्थस्थल भी विशेष महत्व रखता है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार देश में हो रहे विकास के विशेष प्रयासों से कदम से कदम मिलाकर चल रही है। आज बदलते दौर में प्रदेश के साथ विशेष रूप से उज्जैन का माहौल भी बदला है। उज्जैन में वर्ष 2028 में भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन की तैयारियां जारी हैं।
कर्मचारियों को मिल रहा पदोन्नति का लाभ
मुख्यमंत्रीने प्रदेशभर के शासकीय सेवकों को उनके हक में प्रमोशन का लाभ दिया जा रहा है, जो किसी कुंभ से कम नहीं है। हर दिन अलग-अलग विभागों के प्रमोशन की सूची आ रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि हर एक व्यक्ति, जो जहां है। उससे दक्षता और कठोरता से कार्य लेना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों के बेहतर जीवन की सभी आवश्यकताओं की चिंता भी सरकार का ही दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता वाले कार्यों से उत्साहवर्धन के साथ सरकार को नए काम करने का संकल्प मिलता है।
खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक विकसित की जा रही कृषि अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने इंदौर में राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया है। इस उद्देश्य से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, राजस्व, ऊर्जा सहित 16 विभागों को एक साथ लाकर किसानों के समग्र विकास का अभियान प्रारंभ किया गया है और किसानों की आय बढ़ाने के लिये रोडमैप तैयार किया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश के इन चार वर्गों का विकास सुनिश्चित हो जाता है तो भारत की उन्नति स्वत: सुनिश्चित हो जाएगी। किसान इन चारों वर्गों के केंद्र में है, इसलिए सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश की 250 से अधिक नदियाँ लाखों लोगों के जीवन को समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नर्मदा जैसी जीवनदायिनी नदी के जल का समुचित उपयोग नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा घाटी परियोजनाओं को नई गति मिली।
हल भारतीय कृषि संस्कृति, श्रम और समृद्धि का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की समृद्धि का आधार पानी, बिजली और सडक़ है। इन तीनों क्षेत्रों में सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अब रात्रि के बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और खेती करना अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों को छोडक़र अन्य पूर्ववर्ती सरकारों के समय किसानों को न उचित मूल्य मिलता था और न ही समर्थन मूल्य पर व्यवस्थित खरीदी होती थी। डॉ यादव ने कहा कि सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि “खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है। बलराम कृषि महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान बलराम की पूजा-अर्चना करते हुए कहा कि हल भारतीय कृषि संस्कृति, श्रम और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने किसानों से किसान कल्याण वर्ष को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

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