चुनाव आयोग की साख कमजोर हुई
‘विपक्ष को ज्यादा सहयोग मिलना चाहिए
नई दिल्ली : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने मौजूदा चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आयोग विपक्षी दलों के साथ बहुत अन्याय कर रहा है और इसी वजह से उसकी विश्वसनीयता और छवि को गहरी चोट पहुंची है। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की सबसे भरोसेमंद संस्थाओं में से एक माना जाता था, लेकिन अब उसकी साख कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें बेहद दुख पहुंचाती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त रहे कुरैशी ने कहा कि उनके कार्यकाल में उनकी स्पष्ट नीति थी कि विपक्षी दलों को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि वे सत्ता में नहीं होते और उन्हें आयोग के सहयोग की ज्यादा जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘सरकार के पास पहले से ही कई संसाधन और अधिकार होते हैं। इसलिए चुनाव आयोग को विपक्ष का भरोसा जीतना चाहिए। मैंने अपने अधिकारियों से कहा था कि यदि सरकार और विपक्ष दोनों की मुलाकात का अनुरोध आए तो पहले विपक्ष को समय दें’। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में मुख्य विपक्षी दल भाजपा थी और उनकी इस नीति का सबसे ज्यादा लाभ भाजपा को ही मिला। उन्होंने कहा आयोग विपक्ष के साथ बहुत अन्याय कर रहा है’। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विपक्षी दलों को अपनी शिकायत लेकर दो बार सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। हाल ही में 24 विपक्षी दलों ने भी मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दे रहा है। एसवाई कुरैशी ने कहा, ‘अगर विपक्ष बार-बार मुलाकात का समय मांग रहा है और उसे समय नहीं मिल रहा, तो यह स्वीकार्य नहीं है। चुनाव आयोग का काम सभी पक्षों को साथ लेकर चलना है’। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, लेकिन आज एक बड़ा वर्ग विपक्ष से सवाल पूछने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देता है। उन्होंने कहा, ‘सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना जरूरी है’। एसवाई कुरैशी ने अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए चार प्रमुख सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक गर्व उन पहलों पर है, जो आज भी सफलतापूर्वक चल रही हैं और लगातार मजबूत हुई हैं।
विपक्ष के साथ बहुत अन्याय कर रहा चुनाव आयोग:पूर्व सीईसी