नई दिल्ली : जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसमें दोनों देशों के नेताओं के बीच आर्थिक संबंधों का विस्तार करने और सेमीकंडक्टर के लिए सप्लाई चेन को बढ़ाने समेत टेक्नोलॉजी शेयरिंग पर चर्चा हुई है। दोनों राष्ट्र प्रमुखों की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने आर्थिक सुरक्षा सहयोग के संबंध में एक रोडमैप तैयार करने के लिए भारत और जापान द्वारा किए जा रहे संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर फिर से जोर दिया कि नई दिल्ली और टोक्यो के बीच गहरे संबंध बने हुए हैं। मोदी पत्रकारों से बातचीत में कहा”भारत के विकास में जापान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जापानी प्रधानमंत्री की यात्रा के माध्यम से हम अपनी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। दोनों विश्व की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का हिस्सा है। सबसे बड़े लोकतांत्रिक क्षेत्र के रूप में हमने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। हम शांति और स्थिरता की राह में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।” मोदी ने यह भी घोषणा की कि जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश करेगा और देश में कार्यरत जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने एआई में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि उन्होंने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी साझेदारी को उनके सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ माना। उन्होंने कहा “प्रधानमंत्री ताकाइची और मैं मानते हैं कि प्रौद्योगिकी साझेदारी हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। मोदी ने कहा “जापान की सटीक प्रौद्योगिकी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का संगम वैश्विक एआई विकास को एक नई गति और शक्ति प्रदान करेगा।” मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच पहली सह-विकास परियोजना रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को मजबूत करने में मदद करेगी।
स्वास्थ्य सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा
इसके अलावा स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच समझौतों पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री ने यह भी पुष्टि की कि समझौतों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनकी साझेदारी वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में योगदान देगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा “आज फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में हस्ताक्षरित समझौतों के माध्यम से हम वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भी योगदान देंगे। भारत की विशाल क्षमता और जापान की गुणवत्ता को मिलाकर हम विश्व को किफायती, विश्वसनीय और उन्नत स्वास्थ्य समाधान प्रदान करने की दिशा में काम करेंगे।”
प्रधानमंत्री ने जापानी समकक्ष ताकाइची से की वार्ता, भारत के विकास में जापान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई : मोदी