कोई भी वकील आरोपियों की ओर से पेश नहीं होगा :बार एसोसिएशन
अयोध्या:राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले में अयोध्या की एक अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। विशेष अभियोजन अधिकारी उमेश दुबे ने बताया कि पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भ्रष्टाचार रोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की हिरासत के लिए कोई आवेदन नहीं दिया। इससे पहले, एक विशेष अदालत ने उन्हें सोमवार तक तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी।
फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने यह भी तय किया कि अगर उसका कोई सदस्य राम मंदिर मामले के आरोपियों का मामला अदालत में लडऩे की कोशिश करता है तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने मांग उठाई कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े रहे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। बैठक के बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका शरण ने पत्रकारों को बताया कि सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि एसोसिएशन का कोई भी वकील आरोपियों की ओर से पेश नहीं होगा। उन्होंने कहा “अगर कोई वकील फिर भी आरोपियों का मुकदमा लडऩा चाहता है तो उसे पहले एक आवेदन देना होगा और प्रति आरोपी पांच लाख रुपये बार एसोसिएशन में योगदान के तौर पर जमा करने होंगे। कालिका शरण ने कहा कि एसोसिएशन कथित हेराफेरी की जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखेगी। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन सीबीआई जांच की मांग के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख करेगी और अगर वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
राम मंदिर दान मामले के सभी आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में