अंतरराष्ट्रीय विस्तार से होगी सहकारी उत्पादों की पहचान:अमित शाह


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी बैंकिंग, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को मजबूत करने के लिए बनाए गए राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की। गृह मंत्री ने कहा कि को-आप मार्क, डिजिटल मार्केट प्लेस और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से सहकारी उत्पादों की पहचान होगी। इसके जरिए सहकारी उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी और वे बाजार में मजबूती से टिक पाएंगे।
शाह ने कहा सहकारी बैंक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा प्रणाली और साझा सेवाओं को जल्द से जल्द अपनाएं। ग्रामीण सहकारी बैंक ‘सहकार सारथी’ से और शहरी सहकारी बैंक एनयूसीएफडीसी से जुड़ें। गृह मंत्री ने सहकारी बैंकों को साइबर क्राइम से सचेत रहने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने म्यूल हंटर. एआई का इस्तेमाल करने की बात कही है। इसे गृह मंत्रालय के साथ एकीकृत कर सहकारी बैंकों में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन और साइबर सुरक्षा की तैयारियों को मजबूत किया जा सकेगा। सहकार सारथी ने एईपीएस सेवाएं शुरू की हैं। इसके जरिए चुनिंदा सहकारी बैंकों में ई-केवाईसी लाइव के माध्यम से अगस्त 2026 तक 100 सहकारी बैंकों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एनयूसीएफडीसी सभी शहरी सहकारी बैंकों को तकनीकी समाधान और संस्थागत मदद देने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाने का काम कर रहा है। एनसीओएल जैविक किसानों से खरीद बढ़ाएगा और परीक्षण, प्रमाणन तथा बाजार संपर्क को मजबूत करेगा। एनसीईएल सहकारी उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाएगा।

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