मुझे कुछ और भी करना होगा
नई दिल्ली:प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से एक मुकदमे की फाइल कथित तौर पर गुम होने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि वह इस मामले को देखेंगे। यह मामला तब सामने आया जब एक अधिवक्ता ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस कथित घटना का उल्लेख किया।
अधिवक्ता ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन सुनवाई के लिए उसे अभी तक सूचीबद्ध नहीं किया गया है। अधिवक्ता ने बेंच को सूचित किया कि उन्होंने इस बारे में रजिस्ट्रार को पत्र लिखा था, लेकिन मामला अदालत में सूचीबद्ध नहीं हो पाया क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि रजिस्ट्री से फाइल कहीं खो गई है। उन्होंने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए पीठ से आग्रह किया कि याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। :प्रधान न्यायाधीश ने कहा “अगर रजिस्ट्री में फाइल गुम हो गई है, तो यह गंभीर मामला है। अगर हमारी रजिस्ट्री जरूरी मामलों की फाइलें खो रही है, तो क्या आपको लगता है कि मैं सिर्फ उन्हें सूचीबद्ध करने का ही आदेश दूंगा? मुझे कुछ और भी करना होगा।”उन्होंने अधिवक्ता को विस्तृत जानकारी देने को कहा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, “मैं इस खामी की जांच करना चाहता हूं और पता लगाना चाहता हूं कि इसके पीछे क्या वजह है।” उन्होंने कहा “अपने एओआर से कहें कि वे आज ही मुझे शिकायत दें। मैं उपलब्ध हूं।”
साइबर अपराधी को जेल में रखने से ही समाज का भला होता है
सुप्रीम कोर्ट ने साइबर फ्रॉड के एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साइबर अपराधी “परजीवी” होते हैं, जो लोगों से बड़ी रकम ठगते हैं और उन्हें जेल में रखने से ही समाज का भला होता है। प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा “तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगते हैं। साइबर अपराधियों के साथ हमें बहुत सख्त होना होगा। तुम पूरे देश के लोगों को शिकार बनाते हो। तुम तमिलनाडु में किसी को ठगते हैं और फिर जम्मू में शिकार खोजते हो समाज की भलाई इसी में है कि तुम जेल के अंदर रहो।”
रजिस्ट्री में मुकदमे की फाइल खोना गंभीर मामला:सीजेआई