आरटीआई सक्रियता नया व्यवसाय बन गया है’ :सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सूचना के अधिकार के तहत सक्रियता को “एक नया व्यवसाय” करार देते हुए एक आरटीआई कार्यकर्ता और सडक़ निर्माण कार्य में सरकारी कर्मचारी को बाधा पहुंचाने के आरोपी अन्य लोगों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा आरटीआई सक्रियता लोगों के बीच एक नया व्यवसाय बन गया है। केंद्र सरकार ने फंड जारी किया है, वही सडक़ निर्माण का ध्यान रखेगी। आप कोई नहीं हैं। जस्टिस बिश्नोई ने कहा इन सभी सडक़ों के निर्माण की निगरानी करने वाले आप कौन हैं? क्या आप कोई उच्च अधिकारी हैं या क्या हैं?
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देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद, न घबराएं:पेट्रोलियम मंत्रालय
नई दिल्ली : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और स्थिर बनी हुई है। सरकार ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचने की अपील की है। मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री सामान्य से ज्यादा देखी गई है। हालांकि इसका कारण किसी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई औद्योगिक, संस्थागत, वाणिज्यिक और प्रत्यक्ष उपभोक्ता अब अपनी ईंधन जरूरतों के लिए सीधे सप्लाई चैनल की बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीदारी कर रहे हैं। इसी वजह से कुछ रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री के आंकड़े बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और आम लोगों को पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि एलएनजी वाहक पोत दिशा 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है। यह पोत 18 जून को गुजरात के दहेज पहुंचने की उम्मीद है। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है।

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